ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार।महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षकों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री और आयुक्त महिला बाल विकास के नाम ज्ञापन कलेक्टर और जिला कार्यक्रम अधिकारी धार को सौंपा।
स्थाई कर्मचारी संघ की प्रदेश सचिव राखी देवड़ा ने बताया कि 12 अक्टूबर को विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंस में मिले निर्देशानुसार पर्यवेक्षकों द्वारा प्रतिदिन सुबह 8.45 बजे आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण और उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यक्षेत्र बड़ा होने, ग्रामीण अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन के अभाव, जटिल यात्रा भत्ता प्रक्रिया और बढ़ते ऑनलाइन कार्यों के कारण पालन में गंभीर कठिनाइयां आ रही हैं।
ज्ञापन में 9 सूत्रीय मांगें रखी गईं। ग्रामीण मजरा-टोलों में कच्ची सड़क और परिवहन न होने से सुबह 8.45 बजे केंद्र पहुंचना कठिन है। फील्ड बड़ा होने से निजी खर्च करना पड़ता है, इसलिए दोपहिया वाहन-स्कूटी और मासिक ईंधन भत्ता या वाहन क्रय हेतु अनुदान दिया जाए। यात्रा भत्ता फिक्स कर 4000 से 7000 रुपये प्रतिमाह वेतन के साथ दिया जाए। ऑनलाइन कार्य अधिक होने से लैपटॉप उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं को भ्रमित कर अवैध वसूली और पर्यवेक्षकों के विरुद्ध भड़काने की गतिविधियों पर रोक, सुरक्षा, केंद्र बंद मिलने पर निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई और ऑनलाइन कार्यों के सरलीकरण की मांग की गई। प्रदेश भर में सभी जिलों में एक साथ ज्ञापन सौंपा गया। जानकारी संघ संरक्षक बी.आर. चौहान ने दी।






































































