गरबा सीजन-3 में भक्ति और उत्साह का संगम, पत्नी संग डांडिया की ताल पर झूमे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
मंत्री दंपती ने मां आदिशक्ति की आरती कर लिया आशीर्वाद, ढोल की थाप और डांडिया की खनक से भक्तिमय हुआ माहौल
मनेन्द्रगढ़। नवरात्रि के पावन पर्व पर चिरमिरी में आयोजित गरबा सीजन-3 का शुभारंभ भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के बीच हुआ। आयोजन के पहले ही दिन मां आदिशक्ति की आराधना के साथ गरबा और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल अपनी पत्नी श्रीमती कांति जायसवाल के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री दंपती ने मां आदिशक्ति की आरती कर आशीर्वाद लिया वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने ढोल बजाकर उत्सव का उत्साह बढ़ाया और पत्नी के साथ गरबा-डांडिया की ताल पर झूमते नजर आये।
कांति जायसवाल के गरबा नृत्य ने बढ़ाई आयोजन की रौनक
गरबा सीजन-3 के पहले दिन श्रीमती कांति जायसवाल ने गरबा नृत्य में सहभागिता कर आयोजन की रौनक बढ़ाई। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों के कदमों की थिरकन, डांडिया की खनक और ढोल की गूंज ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उत्साह के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। मां आदिशक्ति की आराधना से शुरू हुआ यह आयोजन देर तक भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया।
परंपरा, संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम
गरबा सीजन-3 ने नवरात्रि के दौरान धार्मिक आस्था के साथ भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। गरबा और डांडिया केवल नृत्य नहीं बल्कि सामूहिक सहभागिता, एकता और मां दुर्गा की आराधना के प्रतीक हैं। आयोजन में लोगों का उत्साह और पारंपरिक नृत्य के प्रति आकर्षण देखते ही बना। पहले दिन की शानदार शुरुआत ने आगामी आयोजनों को लेकर भी उत्साह बढ़ा दिया।
संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर: श्याम बिहारी जायसवाल
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नवरात्रि मां आदिशक्ति की आराधना, श्रद्धा और शक्ति का पर्व है। गरबा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो लोगों को एक साथ जोड़ता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने के साथ उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने मां आदिशक्ति से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाये रखने की प्रार्थना की।






































































