राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर पुलिस की घेराबंदी, लोहे के कबाड़ से भरा पिकअप जब्त, 2.615 टन पुराना लोहा बरामद
चालक नहीं दिखा सका खरीदी बिक्री के दस्तावेज, वाहन सहित 4.52 लाख रुपयों की संपत्ति जब्त

मनेन्द्रगढ़। नेशनल हाईवे 43 पर गश्त के दौरान झगराखाण्ड पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में लोहे का कबाड़ लेकर जा रहे एक पिकअप वाहन को पकड़कर जब्त किया है। वाहन से 2,615 किलोग्राम पुराना लोहा बरामद हुआ है। पुलिस द्वारा कबाड़ से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे जाने पर चालक कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने कबाड़ और परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जब्त कर सामग्री के वास्तविक मालिक और उसके स्रोत की जांच शुरू कर दी है
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (आईपीएस) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में जिले में अपराधों की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के लिये लगातार गश्त की जा रही है। इसी क्रम में 10 अक्टूबर 2026 की रात झगराखाण्ड पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मनेन्द्रगढ़ की ओर से पिकअप क्रमांक CG 16 CN 1747 में लोहे का कबाड़ लोड कर अनूपपुर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने साइबर सेल के स्टाफ और गवाहों के साथ घुटरीटोला के पास नेशनल हाईवे 43 पर घेराबंदी की। कुछ देर बाद बताये गये नंबर का पिकअप वाहन मौके पर पहुंचा जिसे पुलिस ने रोककर जांच की। पूछताछ में चालक ने अपना नाम अकील अहमद उर्फ मोनू पिता मुस्ताक अहमद निवासी वार्ड क्रमांक 14 मनेन्द्रगढ़ बताया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 2,615 किलोग्राम पुराना लोहे का कबाड़ मिला जिसकी अनुमानित कीमत 52,300 रुपये आंकी गई। पुलिस ने चालक से कबाड़ की खरीदी बिक्री और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने कबाड़ समेत पिकअप वाहन को जब्त कर लिया।
4.52 लाख रुपयों की संपत्ति जब्त
पुलिस के अनुसार बरामद लोहे के कबाड़ की कीमत 52,300 रुपये और पिकअप वाहन की अनुमानित कीमत 4 लाख रुपये है। इस तरह कुल 4 लाख 52 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कबाड़ कहां से लाया गया था और इसका वास्तविक मालिक कौन है
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
सम्पूर्ण कार्यवाही में झगराखाण्ड थाना प्रभारी राकेश साहू, प्रभारी चौकी प्रभारी खोंगापानी सुखलाल खलखो, प्रधान आरक्षक शंभू यादव, आरक्षक रवि शर्मा और साइबर सेल के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एमसीबी जिला पुलिस द्वारा आश्वस्त किया गया है की क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है



































































