लपटा से इलाहाबाद तक पशु तस्करी के कथित नेटवर्क पर पुलिस की नजर, 21 मवेशियों से भरा वाहन जब्त
भालूमाड़ा पुलिस ने घेराबंदी कर चालक को किया गिरफ्तार, 20 पड़वा और एक भैंस बरामद; वाहन मालिक और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जरूरी
जमुना कोतमा भालूमाड़ा अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में पशुओं के अवैध परिवहन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 21 मवेशियों से भरा एक वाहन जब्त किया है। पुलिस ने वाहन चालक को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है कार्रवाई के बाद पशु परिवहन से जुड़े संभावित नेटवर्क की भूमिका भी चर्चा में है। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की जरूरत है कि मवेशियों को कहां से लोड किया गया था और उन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा था
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर की दरमियानी रात भालूमाड़ा पुलिस ने कुशीहरा फाटक स्थित हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर वाहन क्रमांक CG 31 B 8590 को पकड़ा वाहन की जांच करने पर उसमें 20 पड़वा और एक भैंस सहित कुल 21 मवेशी पाए गए पुलिस ने वाहन चालक शाहनवाज खान, निवासी इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है
जब्त मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 15 हजार रुपये बताई गई है, जबकि वाहन की कीमत लगभग 13 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए कोतमा कांजी हाउस में रखवाया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पशुओं के अवैध परिवहन के मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं
लपटा से उत्तर प्रदेश तक संभावित नेटवर्क की जांच की जरूरत
इस मामले में लपटा निवासी सोनू और मेरठ निवासी वाहन मालिक अजय कुमार सिंह के नाम सामने आने के दावे किए जा रहे हैं हालांकि, इन व्यक्तियों की कथित भूमिका और पशु तस्करी के नेटवर्क से उनके संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि वाहन में लोड मवेशियों का वास्तविक स्रोत क्या था, परिवहन के लिए किसने व्यवस्था की थी और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं
यदि जांच में स्थानीय स्तर पर मवेशियों की लोडिंग से लेकर उत्तर प्रदेश तक परिवहन की कोई संगठित व्यवस्था सामने आती है, तो उससे जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा सकती है। फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष सामने आना आवश्यक है
थाना प्रभारी राधिका भगत के नेतृत्व में कार्रवाई
भालूमाड़ा थाना प्रभारी राधिका भगत के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को पशुओं के अवैध परिवहन के विरुद्ध महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वाहन जब्त होने और चालक की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाकर मवेशियों के स्रोत, वाहन के स्वामित्व, परिवहन मार्ग और संभावित सहयोगियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करना महत्वपूर्ण होगा
पशुओं को क्रूरतापूर्वक वाहनों में भरकर ले जाने से उनके स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे मामलों में परिवहन की परिस्थितियों, पशुओं के साथ किए गए व्यवहार और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई की जाती है
चालक की गिरफ्तारी के बाद आगे की जांच पर टिकी निगाहें
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच केवल वाहन चालक तक सीमित रहती है या मवेशियों के स्रोत और परिवहन की व्यवस्था से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आती है। पुलिस की पूछताछ और जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मवेशियों को कहां से लाया गया था, उनका गंतव्य क्या था और परिवहन के पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं
फिलहाल भालूमाड़ा पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यदि किसी बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने के प्रमाण मिलते हैं, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है
अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं कि 21 मवेशियों से भरे वाहन की बरामदगी के पीछे की पूरी कहानी सामने आती है या नहीं



































































