बीसीसीएल की विभिन्न इकाइयों, खनन क्षेत्रों, क्षेत्रीय कार्यालयों, पम्पिंग स्टेशनों, लोडिंग प्वाइंट्स सहित अन्य प्रतिष्ठानों में कार्यरत बीसीसीएल सिक्योरिटी गार्ड्स (सुरक्षा कर्मियों) के सशक्तिकरण एवं क्षमता-विकास के उद्देश्य से कल्याण भवन (एचआरडी) में 05-10 अक्टूबर तक 6-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षा कर्मियों को उनके दायित्वों, अधिकारों, सुरक्षा संबंधी विभिन्न प्रक्रियाओं तथा आकस्मिक परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक जानकारी प्रदान की जा रही है।
प्रशिक्षण के अंतर्गत आज पूर्व आईजी एवं बीसीसीएल के वरीय सुरक्षा सलाहकार श्री विपुल शुक्ला ने प्रतिभागियों को ‘निजी प्रतिरक्षा का वैधानिक अधिकार’ विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कर्तव्य एवं अधिकार, भारतीय न्याय संहिता के प्रमुख प्रावधानों, कानून के प्रति सजगता तथा विधि-सम्मत तरीके से उसके उचित अनुपालन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही, भीड़ नियंत्रण (Mob Controlling), आत्मरक्षा (Self Defence) एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।
अपने संबोधन में श्री शुक्ला ने कहा कि बीसीसीएल में पर्याप्त विभागीय सुरक्षा बल उपलब्ध है और उनके निरंतर प्रशिक्षण एवं सशक्तिकरण से कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संपदा एवं बीसीसीएल की परिसंपत्तियों की सुरक्षा के साथ-साथ विभिन्न दैनिक परिचालन गतिविधियों की सुरक्षा में प्रशिक्षित एवं दक्ष सुरक्षा कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों के लिए अनुशासन, शारीरिक दक्षता, सतर्कता, सक्षमता तथा परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित एवं विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता को आवश्यक गुण बताया।
कार्यक्रम में बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों, इकाइयों एवं विभागों में कार्यरत 32 सुरक्षा कर्मी भाग ले रहे हैं, जिन्हें सीआईएसएफ के वरीय अधिकारियों एवं निरीक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। चरणबद्ध रूप से बीसीसीएल में कार्यरत लगभग 700 सुरक्षा गार्ड्स एवं सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षित एवं सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के प्रथम दो दिनों में सीआईएसएफ के अधिकारियों एवं निरीक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के आगामी चरणों में सेंट्रल हॉस्पिटल के चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, माइंस रेस्क्यू के अधिकारियों द्वारा फायर फाइटिंग तथा सीआईएसएफ अधिकारियों द्वारा सुरक्षा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से बीसीसीएल में अवैध खनन की रोकथाम एवं कंपनी की परिसंपत्तियों की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (एचआरडी) श्री सुधाकर प्रसाद, महाप्रबंधक (सिक्योरिटी) श्री हाफिजुल कुरैशी, मुख्य प्रबंधक (खनन/एचआरडी) श्री राधे श्याम दुबे सहित एचआरडी के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।



































































