गाद से पटी सेडीमेंटेशन टंकी, नहीं मिल रहा शुद्ध पानी
गोविंदा कॉलोनी में गंदे-बदबूदार पानी की शिकायत के बाद जांच में खुली पोल
कोतमा। एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र के गोविंदा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से वार्ड क्रमांक 12 गोविंदा कॉलोनी में लंबे समय से गंदे एवं बदबूदार पानी की सप्लाई किए जाने की शिकायतों के बाद अब प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कॉलोनी के श्रमिक परिवारों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बाद प्रबंधन की जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया, जहां वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की सेडीमेंटेशन टंकी में भारी मात्रा में गाद जमा मिली। नियमित सफाई नहीं होने के कारण टंकी में जमी गाद ने अब लगभग मोटी परत बना ली है
कॉलोनीवासियों के अनुसार पिछले डेढ़-दो माह से अधिक समय से गंदे और दुर्गंधयुक्त पानी की समस्या को लेकर अधिकारियों से शिकायत की जा रही थी। इतना ही नहीं, पानी में अत्यधिक फिटकरी भी मिलाया जा रहा है।
वार्डवासियों का आरोप है कि समस्या का समाधान करने के बजाय शिकायत करने वालों को बिजली एवं पानी का कनेक्शन काटने तक की धमकी दी गई
जांच में सामने आई सफाई की अनदेखी:
शिकायत के बाद एसईसीएल प्रबंधन की टीम ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसईसीएल के विकास मल्ल, एसओ सिविल, आमिर खान, सहायक प्रबंधक पर्यावरण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पर्यावरण विभाग के अधिकारी श्रेयस पांडे ने निरीक्षण के दौरान सेडीमेंटेशन टैंक की स्थिति देखी। बताया गया कि टैंक लंबे समय से साफ नहीं हुआ है और उसमें बड़ी मात्रा में मिट्टी एवं गाद जमा है
जांच टीम ने मौके से इनलेट (रॉ वाटर) और आउटलेट (ट्रीटेड वाटर) के नमूने भी लिए हैं, ताकि पानी की गुणवत्ता की जांच की जा सके। विदित रहे कि कॉलरी के कॉलोनी में लंबे समय से दूषित पानी नलों से आ रहा है जिसको लेकर आक्रोश बना हुआ है


































































