पेड़ कटाई में लापरवाही से टूटा बिजली तार, सुबह से जमुना कॉलरी अंधेरे में
शीतला मंदिर के ऊपर पेड़ गिरने से विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त, ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

जमुना कोतमा। शीतला मंदिर परिसर के पास पेड़ कटाई के दौरान कथित लापरवाही का खामियाजा रविवार सुबह से पूरे जमुना क्षेत्र को भुगतना पड़ रहा है। पेड़ काटते समय पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाने से पेड़ मंदिर के ऊपर लगे विद्युत तारों पर जा गिरा, जिससे तार टूट गए और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सुबह से बिजली गुल रहने के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
किसके आदेश पर हो रही थी पेड़ कटाई?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शीतला मंदिर परिसर के पास पेड़ काटने का आदेश किसने दिया और यह कार्य किस ठेकेदार को सौंपा गया था? स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जांच में अनुमति देने वाले अधिकारी, संबंधित ठेकेदार और पेड़ कटाई में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।
वन विभाग की अनुमति थी या नहीं, जांच जरूरी
मामले में यह सवाल भी गंभीरता से उठ रहा है कि पेड़ कटाई के लिए वन विभाग से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेड़ कटाई का कार्य बिना आवश्यक वन अनुमति के कराया जा रहा था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग पेड़ कटाई की अनुमति, आदेश और ठेके से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करे।
बिना सुरक्षा उपकरण के पेड़ कटाई पर सवाल
विद्युत तारों और मंदिर जैसी सार्वजनिक संरचना के आसपास पेड़ कटाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं, यह भी जांच का विषय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पेड़ काटते समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत लाइन को लेकर सावधानी बरती गई होती तो तार टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से बचा जा सकता था।
कुछ लोगों की लापरवाही, भुगत रहा पूरा जमुना
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ लोगों की कथित लापरवाही का खामियाजा पूरे जमुना क्षेत्र की जनता भुगत रही है। सुबह से बिजली बंद होने के कारण घरेलू कार्यों के साथ दुकानदारों और अन्य उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का सवाल है कि बिजली व्यवस्था बाधित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा क्यों नहीं ले रहे हैं।
जांच में सामने आए जिम्मेदार, हो कड़ी कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर विद्युत व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है। साथ ही पेड़ कटाई की अनुमति, वन विभाग की स्वीकृति, ठेका देने वाले विभाग और संबंधित ठेकेदार की भूमिका की जांच कराने की मांग उठाई है।
लोगों का कहना है कि जांच में यदि नियमों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारी, ठेकेदार अथवा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि जांच में यह भी स्पष्ट किया जाए कि पेड़ कटाई का आदेश किसने दिया, ठेका किसे मिला और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं कराया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। लोगों ने शासन-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच, दोषियों की पहचान और कार्रवाई के साथ बिजली व्यवस्था शीघ्र बहाल कराने की मांग की है।







































































