सेवा भाव, संगठन के प्रति समर्पण और युवाओं से जुड़ाव ने बढ़ाई दीपक माझी ‘लालू’ की लोकप्रियता

अनूपपुर। शहडोल भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री दीपक माझी ‘लालू’ कोयलांचल क्षेत्र के युवाओं के बीच अपनी सक्रियता और सेवा भाव के चलते पहचान बना रहे हैं। संगठन के प्रति समर्पण, कर्मठता और लगातार जनसंपर्क के कारण वे युवाओं के बीच सक्रिय नजर आते हैं। उनका कहना है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा और युवाओं के सपनों को आगे बढ़ाने का एक मंच है।
दीपक माझी लगातार युवाओं को संगठित करने, उन्हें मार्गदर्शन देने तथा सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके समर्थकों के अनुसार जरूरत के समय लोगों की मदद के लिए उपलब्ध रहना और कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
सामान्य परिवार से निकलकर बनाई संगठन में पहचान
दीपक माझी ‘लालू’ सामान्य परिवार से आते हैं। संगठन में एक सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद के चलते उन्हें संगठन के बीच जिम्मेदार युवा कार्यकर्ता के रूप में देखा जाता है।
सेवा, संगठन और युवाओं के लिए सक्रिय
दीपक माझी से जुड़े लोगों का कहना है कि वे सामाजिक स्तर पर जरूरतमंद लोगों की मदद करने के साथ ही युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। विशेष रूप से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लोगों के साथ उनका लगातार संपर्क बताया जाता है। आवश्यकता के समय सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के कारण क्षेत्र के कई युवा उनसे जुड़े हुए हैं।
लोकसभा चुनाव में भी निभाई संगठनात्मक भूमिका
लोकसभा चुनाव के दौरान भी दीपक माझी द्वारा संगठन के प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क गतिविधियों में भागीदारी की गई। घर-घर संपर्क कर संगठन के पक्ष में समर्थन जुटाने तथा युवाओं को चुनावी गतिविधियों से जोड़ने में उनकी सक्रियता बताई जाती है।
दीपक माझी का कहना है कि “जनता का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मेरी कोशिश हमेशा जनता के भरोसे पर खरा उतरने की रहेगी। युवाओं को साथ लेकर चलना और समाज के लिए काम करना मेरी प्राथमिकता है।”
उनकी सक्रियता को लेकर क्षेत्र के युवाओं और संगठन से जुड़े लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। आने वाले समय में संगठनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों में उनकी भूमिका किस रूप में आगे बढ़ती है, इस पर भी क्षेत्र के लोगों की नजर बनी हुई है।







































































