एंबुलेंस के इंतजार में चार घंटे तड़पती रही महिला, शिफ्ट करते समय मौत
कोतमा स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था पर फिर उठे सवाल, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
कोतमा। डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवालों के घेरे में रहने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा एक बार फिर सुर्खियों में है। रविवार को उपचार के लिए भर्ती 60 वर्षीय महिला को चिकित्सकों ने गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया, लेकिन परिजनों के अनुसार एंबुलेंस के इंतजार में महिला करीब चार घंटे तक अस्पताल में दर्द से तड़पती रही। देर शाम एंबुलेंस पहुंचने के बाद महिला को हायर सेंटर ले जाने के लिए शिफ्ट किया जा रहा था, तभी उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है
जानकारी के अनुसार देवरी निवासी शांतिबाई केवट उम्र 60 वर्ष को रविवार सुबह शुगर एवं सांस संबंधी परेशानी के चलते उनकी पुत्री मोना केवट और दामाद राजू केवट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लेकर पहुंचे थे। यहां उपचार के दौरान दोपहर करीब 1 बजे चिकित्सकों ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
चार घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार
मृतका की पुत्री मोना केवट के अनुसार रेफर किए जाने के बाद दोपहर करीब 2 बजे से परिजन एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती रही और वह दर्द से कराहती रही। बेबस पुत्री इधर उधर फोन लगाकर मदद की गुहार लगाती रही।
परिजनों एवं स्थानीय लोगों द्वारा एंबुलेंस के लिए बीएमओ एवं सीएमओ को भी सूचना दी गई, इसके बावजूद करीब चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची
परिजनों के मुताबिक शाम करीब 6 बजे के बाद एंबुलेंस अस्पताल पहुंची। महिला को हायर सेंटर ले जाने के लिए जैसे ही शिफ्ट किया जा रहा था, उसी दौरान उसकी सांस उखड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख पुकार मच गई
दामाद राजू केवट ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच कर दोषी पर कार्यवाही की मांग की है गई है
बीएमओ डॉ के एल दीवान के अनुसार एंबुलेंस उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए जो देर से पहुंची। जिस कारण मरीज को परेशानी हुई


































































