बस स्टैंड में लावारिस मिले मरीजों के ब्लड सैंपल, एजेंसी ने लैब टेक्नीशियन को काम से हटाया
कोतमा स्वास्थ्य केंद्र से जांच के लिए भेजे जाने थे थायराइड के करीब 10 सैंपल, लापरवाही सामने आने पर बीएमओ ने जारी किया था नोटिस
कोतमा। कोतमा स्वास्थ्य केंद्र से मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए बाहर भेजने के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बस स्टैंड में थायराइड जांच के करीब 10 सैंपल लावारिस हालत में मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित निजी एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। मामले में एजेंसी प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार लैब टेक्नीशियन सचिन वर्मा को कार्य से हटा दिया है।
मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और मरीजों के सैंपल को सुरक्षित तरीके से संबंधित जांच केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे। सैंपल पैकेट की तस्वीर सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसी से जवाब तलब किया था।
शहडोल होते हुए गोहपारू भेजे जाने थे सैंपल
जानकारी के अनुसार, कोतमा स्वास्थ्य केंद्र की लैब से मरीजों के ब्लड सैंपल एकत्रित कर उन्हें जांच के लिए शहडोल होते हुए गोहपारू भेजा जाना था। सैंपल कलेक्शन से लेकर उन्हें संबंधित जांच केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी निजी एजेंसी साइंस होम को सौंपी गई थी।
इसी प्रक्रिया के तहत थायराइड जांच के लिए मरीजों के करीब 10 सैंपल एकत्रित किए गए थे। लेकिन निर्धारित व्यवस्था के तहत सैंपल संबंधित जांच केंद्र तक पहुंचने के बजाय बस स्टैंड में लावारिस हालत में पड़े मिले। सैंपल पैकेट मिलने की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बीएमओ ने एजेंसी को जारी किया था नोटिस
सैंपल पैकेट की तस्वीर सामने आने और मामले की जानकारी मिलने के बाद कोतमा स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. केएल दीवान ने संबंधित एजेंसी साइंस होम को नोटिस जारी किया था। नोटिस के माध्यम से सैंपल परिवहन में हुई लापरवाही को लेकर जवाब मांगा गया और जिम्मेदार कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके बाद एजेंसी प्रबंधन ने मामले की जांच की। जांच के उपरांत जिम्मेदार लैब टेक्नीशियन सचिन वर्मा को कार्य से हटा दिया गया। एजेंसी की इस कार्रवाई के बाद मामले में कर्मचारी की जिम्मेदारी तय किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मरीजों के सैंपल की सुरक्षा पर उठे सवाल
स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के सैंपल एकत्रित करने के बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से जांच केंद्र तक पहुंचाना महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ऐसे में सैंपल पैकेट का बस स्टैंड में लावारिस हालत में मिलना व्यवस्था में लापरवाही की ओर संकेत करता है। इस घटना ने सैंपल परिवहन की निगरानी, जिम्मेदारी और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
मरीज स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए सैंपल देते हैं, ताकि निर्धारित समय पर उनकी जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सके। ऐसे में सैंपल को सुरक्षित रखने और संबंधित जांच केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी से जुड़े कर्मचारियों एवं एजेंसी की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
बीएमओ ने की कार्रवाई की पुष्टि
बीएमओ डॉ. केएल दीवान ने बताया कि मामला सामने आने के बाद तत्काल संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया गया था। एजेंसी प्रबंधन द्वारा जांच के बाद जिम्मेदार लैब टेक्नीशियन को कार्य से हटा दिया गया है।
फिलहाल एजेंसी द्वारा संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद सैंपल परिवहन व्यवस्था में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है।

































































