जेआरसी क्लब खाली कराने की मांग तेज, 500 से अधिक कर्मचारियों ने दिया समर्थन
जेआरसी क्लब विकासनगर कुसमुण्डा को टीएसआर से तत्काल मुक्त कराने क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र, 30 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी

कुसमुण्डा। कुसमुण्डा क्षेत्र में कर्मचारियों के सामाजिक एवं घरेलू कार्यक्रमों के लिए उपयोग होने वाले जूनियर रिक्रेशन क्लब (जेआरसी क्लब), विकासनगर को टीएसआर बटालियन से तत्काल खाली कराने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। जेआरसी क्लब विकासनगर कुसमुण्डा के अध्यक्ष सुरजीत सिंह (हैप्पी) ने इस संबंध में एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र सौंपकर क्लब को कर्मचारियों के हित में तत्काल रिक्त कराने की मांग की है।
अध्यक्ष द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार, कुसमुण्डा विकासनगर स्थित जेआरसी क्लब को वर्ष 2018 से सीआईएसएफ जवानों के उपयोग के लिए दिया गया था। इसके बाद उक्त क्लब को टीएसआर बटालियन को आवंटित कर दिया गया। लंबे समय से क्लब के कर्मचारियों के उपयोग में नहीं होने के कारण कुसमुण्डा क्षेत्र में कार्यरत एसईसीएल कर्मचारियों को अपने घरेलू, सामाजिक एवं अन्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों की सुविधा और क्लब को वापस कर्मचारियों के उपयोग में लाने की मांग पूर्व में भी कई बार उठाई जा चुकी है। जेआरसी क्लब को खाली कराने के लिए प्रबंधन को पत्र दिए जाने के साथ-साथ विभिन्न फोरम पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा गया, लेकिन अब तक क्लब को रिक्त नहीं कराया जा सका है। इससे कर्मचारियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
500 से अधिक कर्मचारियों ने जताया समर्थन
मांग को लेकर जेआरसी क्लब अध्यक्ष सुरजीत सिंह (हैप्पी) के पत्र के साथ 500 से अधिक कर्मचारियों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन पत्र भी क्षेत्रीय महाप्रबंधक को सौंपे गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जिस क्लब का निर्माण एवं संचालन मूल रूप से कर्मचारियों की सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, उसका उपयोग कर्मचारियों को ही उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
कर्मचारियों ने प्रबंधन से मांग की है कि जेआरसी क्लब विकासनगर कुसमुण्डा को टीएसआर से 30 दिनों के भीतर रिक्त कराकर कर्मचारियों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।
30 दिन की समयसीमा, आंदोलन की चेतावनी
पत्र में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित 30 दिनों के भीतर जेआरसी क्लब को टीएसआर से रिक्त नहीं कराया गया, तो कर्मचारियों द्वारा आगे आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए एसईसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
अब 500 से अधिक कर्मचारियों के समर्थन के बाद यह मामला एक बार फिर प्रबंधन के समक्ष गंभीरता से पहुंचा है। कर्मचारियों की निगाहें क्षेत्रीय प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांग किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ी नहीं, बल्कि कुसमुण्डा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की सामूहिक सुविधा और सामाजिक आवश्यकताओं से संबंधित है।



































































