एसईसीएल को मिला नया तकनीकी नेतृत्व, रमेश चंद्र महापात्र ने संभाला निदेशक (तकनीकी-संचालन) का पदभार

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एसईसीएल को मिला नया तकनीकी नेतृत्व, रमेश चंद्र महापात्र ने संभाला निदेशक (तकनीकी-संचालन) का पदभार

तीन दशक से अधिक के खनन अनुभव के साथ नई जिम्मेदारी, उत्पादन, तकनीकी उन्नयन और परियोजना क्रियान्वयन को मिलेगी नई गति

बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में श्री रमेश चंद्र महापात्र ने निदेशक (तकनीकी-संचालन) का पदभार ग्रहण कर लिया है। इसके साथ ही उन्हें निदेशक (तकनीकी)-परियोजना एवं योजना का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उनके पदभार ग्रहण करने के साथ ही एसईसीएल में तकनीकी संचालन और परियोजनाओं के क्षेत्र में नई ऊर्जा एवं बेहतर प्रबंधन की उम्मीद जताई जा रही है।

पदभार ग्रहण करने के अवसर पर एसईसीएल के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री महापात्र से मुलाकात कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पदभार संभालने के बाद उन्होंने विभागाध्यक्षों तथा विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय महाप्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कंपनी की प्रमुख परिचालन प्राथमिकताओं, कोयला उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों, खनन कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न क्षेत्रों में संचालित परियोजनाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।

खनन क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव

श्री रमेश चंद्र महापात्र को कोयला एवं खनन क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है। एसईसीएल में निदेशक (तकनीकी-संचालन) की जिम्मेदारी संभालने से पहले वे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के झांझरा क्षेत्र में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने खनन संचालन, परियोजना प्रबंधन, उत्पादन वृद्धि और रणनीतिक नेतृत्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव अर्जित किया है।

तकनीकी दक्षता के साथ प्रशासनिक एवं प्रबंधन क्षमता के कारण उन्हें कोयला खनन से जुड़ी विभिन्न जटिल परिस्थितियों में प्रभावी नेतृत्व का अनुभव रहा है। उनके कार्य अनुभव में भूमिगत एवं खुली खदानों का संचालन, परियोजनाओं का क्रियान्वयन, उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा आधुनिक खनन तकनीकों का उपयोग प्रमुख रूप से शामिल रहा है।

आईआईटी-बीएचयू से खनन अभियांत्रिकी की शिक्षा

श्री महापात्र आईआईटी-बीएचयू के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने वर्ष 1990 में खनन अभियांत्रिकी में डिग्री हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने मानव संसाधन प्रबंधन में एमबीए की शिक्षा भी प्राप्त की है। वे इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फेलो भी हैं। तकनीकी शिक्षा, प्रबंधन की समझ और लंबे मैदानी अनुभव का यह संयोजन उन्हें खनन क्षेत्र के संचालन एवं नेतृत्व के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।

एसईसीएल के सूराकछार कोलियरी से शुरू हुआ सफर

श्री रमेश चंद्र महापात्र का एसईसीएल से पुराना और महत्वपूर्ण जुड़ाव रहा है। उन्होंने अपने व्यावसायिक करियर की शुरुआत एसईसीएल के कोरबा क्षेत्र स्थित सूराकछार कोलियरी से की थी। इसके बाद अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने कोलियरी प्रबंधक, परियोजना अधिकारी, अतिरिक्त महाप्रबंधक और महाप्रबंधक सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं।

विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने खनन गतिविधियों को बेहतर बनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और परियोजनाओं को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुभव का बड़ा हिस्सा वास्तविक खनन संचालन और जमीनी स्तर पर परियोजनाओं के प्रबंधन से जुड़ा रहा है।

बड़ी खदान परियोजनाओं का किया नेतृत्व

श्री महापात्र ने कोल इंडिया की कई बड़ी भूमिगत एवं खुली खदान परियोजनाओं का नेतृत्व किया है। उत्पादन वृद्धि के साथ आधुनिक खनन तकनीकों को अपनाने की दिशा में उनके योगदान को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास जैसे जटिल विषयों के समाधान तथा स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी उन्हें व्यापक अनुभव है।

खनन परियोजनाओं के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका रही है। यही अनुभव अब एसईसीएल के तकनीकी-संचालन और परियोजना एवं योजना से जुड़े कार्यों में उपयोगी साबित होने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी किया भारतीय कोयला क्षेत्र का प्रतिनिधित्व

श्री रमेश चंद्र महापात्र का अनुभव केवल देश तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारतीय कोयला उद्योग का प्रतिनिधित्व किया है। दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित अफ्रीकन माइनिंग इंदाबा जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खनन मंच पर उन्होंने भारतीय कोयला क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा चेक गणराज्य में औद्योगिक सहयोग से संबंधित वार्ताओं में भी उनकी सहभागिता रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खनन क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों, औद्योगिक सहयोग और आधुनिक कार्यप्रणाली से जुड़े अनुभव उनके तकनीकी दृष्टिकोण को और व्यापक बनाते हैं।

उत्पादन और तकनीकी उन्नयन पर रहेगा जोर

श्री महापात्र के पदभार संभालने के बाद एसईसीएल में उत्पादन गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ तकनीकी उन्नयन, खदान परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और परिचालन दक्षता में सुधार पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। एसईसीएल देश की प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनियों में शामिल है और ऊर्जा क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

ऐसे में निदेशक (तकनीकी-संचालन) के रूप में श्री महापात्र के सामने उत्पादन लक्ष्यों को हासिल करने, खदानों के सुरक्षित एवं प्रभावी संचालन, नई तकनीकों को बढ़ावा देने और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।

उनके लंबे खनन अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए एसईसीएल में उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में एसईसीएल के परिचालन, उत्पादन, तकनीकी विकास और परियोजना क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी।

एसईसीएल परिवार की ओर से श्री रमेश चंद्र महापात्र को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उनके सफल कार्यकाल और कंपनी की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान की कामना की गई।

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