सिवनी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका यूनियन का ऐतिहासिक जिला सम्मेलन सम्पन्न
400 से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से खचाखच भरा मंगल भवन, गायत्री बाजपेयी जिला अध्यक्ष, लक्ष्मी सिहोतिया सचिव और सुषमा यादव कोषाध्यक्ष निर्वाचित

लखनादौन/सिवनी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक मध्य प्रदेश की सिवनी जिला इकाई का तृतीय जिला सम्मेलन 7 सितंबर 2026 को लखनादौन तहसील मुख्यालय स्थित मंगल भवन में उत्साह, जोश और धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 400 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने भाग लिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण मंगल भवन पूरी तरह खचाखच भरा रहा।
सम्मेलन की अध्यक्षता कामरेड गायत्री बाजपेयी ने की, जबकि यूनियन की प्रांतीय महामंत्री कामरेड विभा पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह मुख्य वक्ता तथा प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय जबलपुर के अधिवक्ता कामरेड अरविन्द श्रीवास्तव विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल हुए।
एटक के संघर्षपूर्ण इतिहास से कराया परिचित
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कामरेड हरिद्वार सिंह एवं कामरेड अरविन्द श्रीवास्तव ने एटक के संघर्षपूर्ण इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए एटक ने अपने स्थापना काल से ही संघर्ष किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1920 में अंग्रेजी शासन के दौर में एटक का गठन हुआ तथा ट्रेड यूनियन आंदोलन को कानूनी आधार दिलाने के लिए भी लंबे संघर्ष किए गए।
वक्ताओं ने मजदूर आंदोलन के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि कामरेड सिंगारवेलु चेट्टियार ने श्रमिकों के लिए आठ घंटे काम, आठ घंटे आराम और आठ घंटे अन्य गतिविधियों के अधिकार की मांग को मजबूती से उठाया था। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
मैदानी और न्यायालयीन संघर्ष से मिली कई उपलब्धियां
यूनियन की प्रांतीय महामंत्री कामरेड विभा पांडेय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन लगातार मैदानी संघर्ष और न्यायालयीन लड़ाई—दोनों मोर्चों पर सक्रियता से काम कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप कार्यकर्ताओं को कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिली हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र की रंगाई-पुताई के नाम पर मिलने वाली 8 हजार रुपये की राशि सीधे कार्यकर्ताओं के खातों में पहुंचाने के लिए यूनियन ने संघर्ष किया। इसी प्रकार साड़ी के मामले में भी कार्यकर्ताओं की पसंद को प्राथमिकता दिलाने के लिए संगठन ने आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 750 रुपये की कटौती के खिलाफ एटक ने उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की थी। न्यायालय द्वारा राज्य शासन को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद वर्ष 2023 में 15 दिन की केंद्र बंद हड़ताल सहित लगातार किए गए संघर्ष के दबाव में सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 3000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की, जिसके आधार पर 48 माह के एरियर्स के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
पोषण ट्रैकर और मानदेय को लेकर भी संघर्ष जारी
कामरेड विभा पांडेय ने कहा कि यूनियन ने पोषण ट्रैकर के खिलाफ भी न्यायालय में लड़ाई लड़ी और सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 26 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर भी उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की गई है। इस मामले में न्यायालय ने राज्य शासन को जवाब देने के लिए दो माह का समय दिया है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन लगातार आगे बढ़ रहा है और इस संघर्ष को सफलता तक पहुंचाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं का साथ और एकजुटता जरूरी है।
19-20 सितंबर को सतना में राज्य सम्मेलन
प्रांतीय महामंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन का राज्य सम्मेलन 19 एवं 20 सितंबर को सतना में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सिवनी जिले के सभी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से राज्य सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
गायत्री बाजपेयी के नेतृत्व की हुई सराहना
सम्मेलन में कामरेड विभा पांडेय ने जिला अध्यक्ष कामरेड गायत्री बाजपेयी के नेतृत्व और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सिवनी का यह सम्मेलन ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में जिस तरह बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकजुट हुए हैं, उसका संदेश मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों तक जाएगा।
कामरेड गायत्री बाजपेयी ने सम्मेलन में पहुंचे सभी अतिथियों का शाल भेंट कर स्वागत किया। लखनादौन नगरपालिका के पार्षद श्रीमती मंजू साहू एवं बबलू शुक्ला ने भी सम्मेलन में पहुंचकर कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं।
सर्वसम्मति से नई जिला कार्यकारिणी गठित
सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से सिवनी जिला इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें कामरेड गायत्री बाजपेयी को जिला अध्यक्ष, कामरेड लक्ष्मी सिहोतिया को जिला सचिव तथा कामरेड सुषमा यादव को कोषाध्यक्ष चुना गया।
उपाध्यक्ष पद पर कामरेड रश्मि श्रीवास्तव, समीना बी., उषा शिवहरे, अनुसुईया ठाकुर, ब्रजमनी जंघेला, मंजू सेंगर एवं बसंती चन्द्रवंशी का चयन किया गया। वटी को उपकोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
संयुक्त सचिव के रूप में कामरेड ज्योति साहू, प्रतिमा डेहरिया, सरला श्रीवास्तव, मंजू सोनी, धन्ती, जानकी डेहरिया, सीमा सर्वे, इश्वरी बेदूआ, रामप्यारी झारिया एवं नीता का चयन किया गया।
कार्यकारिणी सदस्य के रूप में कामरेड शारदा साहू, श्वेता सिंह ठाकुर, गीता डेहरिया, निशा सोनी, राम कुमारी शिवहरे, ललिता यादव, बंदना कुशवाहा, रमाकांति, रमा यादव, चन्द्रकली उइके, अभिलाषा, विनिता यादव, साधना गोल्हानी, पूजा गोस्वामी, अंजू गोल्हानी, बंदना सोनी, श्यामा, प्रीति यादव, सविता सर्वे, दुर्गा झारिया एवं साक्षी सहित अन्य कार्यकर्ताओं का चयन किया गया।
जनगीतों और नृत्य से गूंजा मंगल भवन
सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जनगीत प्रस्तुत कर माहौल में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। संगठन और संघर्ष के नारों के बीच कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सम्मेलन के समापन अवसर पर अति उत्साहित कार्यकर्ताओं ने नृत्य की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
पूरे सम्मेलन में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी, अनुशासन और उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन सुव्यवस्थित, प्रेरणादायी और ऐतिहासिक रहा, जिसकी चर्चा जिलेभर में बनी हुई है।



































































