डिजिटल दुनिया में एक छोटी चूक पड़ सकती है भारी
विद्यार्थियों को साइबर ठगी के तरीकों से कराया रूबरू
मनेन्द्रगढ़। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस का ‘साइबर जागृति अभियान’ मनेन्द्रगढ़ में भी व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अलास्का कंप्यूटर सेंटर में जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्र छात्राओं को साइबर सुरक्षा के जरूरी उपाय बताये गये।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन और जिला साइबर प्रभारी निरीक्षक विवेक पाटले के दिशा निर्देश में आयोजित इस कार्यक्रम में साइबर सेल की टीम ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिये तकनीकी जानकारी के साथ सतर्कता भी बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को अनजान लिंक, संदिग्ध ऐप और सोशल मीडिया के जरिये होने वाली ठगी से सावधान रहने की समझाइश दी गई
साइबर सेल के प्रधान आरक्षक पुष्कल सिन्हा, आरक्षक राकेश तिवारी, दीप तिवारी, भूपेंद्र यादव, जितेन्द्र ठाकुर और अनीता सिंह कार्यक्रम में मौजूद रहे। संस्था संचालक मो. फिरोज मंसूरी ने पुलिस टीम का स्वागत किया।
फर्जी अधिकारी बनकर डराने वालों से रहें सावधान
साइबर सेल के राकेश तिवारी और दीप तिवारी ने विद्यार्थियों को बताया कि ठग अब केवल लिंक भेजकर ही नहीं बल्कि फोन और वीडियो कॉल के जरिये भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस, सीबीआई या ईडी अधिकारी बनकर डराना और कार्यवाही का भय दिखाना साइबर ठगी का नया तरीका बन रहा है
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक ना करें, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा ना करें और सोशल मीडिया अकाउंट में 2-Step Verification जरूर सक्रिय रखें। गेमिंग ऐप्स में पैसे लगाने से पहले भी पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
5 सितंबर तक चलेगा जागरूकता अभियान
‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत 30 अगस्त से 5 सितंबर तक विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों को विशेष रूप से फर्जी कॉल, वीडियो कॉल और बैंकिंग फ्रॉड से बचने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम में ‘जागरूकता की एक सेल्फी’ पहल के तहत क्यूआर कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ने की अपील भी की गई। साइबर सेल ने स्पष्ट किया कि डिजिटल सुविधा का लाभ तभी सुरक्षित है जब उसके साथ सावधानी और जागरूकता भी हो।


































































