अप्रैल से राशन नहीं मिला, वितरण के दौरान फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
फिंगर लगवाकर तीन माह का राशन देने का आरोप, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
रिपोर्टर नरेश साहू, सीहोर
सीहोर। श्यामपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिछिया में राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अप्रैल माह से नियमित रूप से राशन नहीं मिल रहा है। मंगलवार को जब उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण किया जा रहा था, तभी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अपनी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनसे झूठ बोलकर फिंगर लगवाई गई और तीन माह का राशन देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि राशन जैसी मूलभूत सुविधा में इस प्रकार की अनियमितता से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मिलने वाला राशन बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक राशन नहीं मिलने के कारण परिवारों के सामने खाद्य संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समस्या को लेकर कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि राशन वितरण में किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को बकाया राशन उपलब्ध कराने और भविष्य में नियमित रूप से खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अब ग्रामीणों की शिकायत और आरोपों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है तथा पात्र हितग्राहियों को लंबित राशन कब तक उपलब्ध कराया जाता है, यह देखने वाली बात होगी।






























































