220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में प्रशासन की औचक दस्तक, मरीजों से सीधे जाना हाल
कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों ने किया निरीक्षण, दवा, सफाई, स्टाफ और जांच सुविधाओं की ली जानकारी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के निर्देश पर प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा और सुश्री नेहा खलखो ने सोमवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने केवल रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की जांच तक सीमित ना रहते हुए मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर अस्पताल की वास्तविक स्थिति का फीडबैक भी लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ओपीडी, इमरजेंसी सहित विभिन्न वार्डों का भ्रमण किया और चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों को मिल रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिले और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिये।
मरीजों से सीधे पूछा, कैसी मिल रही स्वास्थ्य सुविधा
अधिकारियों ने जनरल वार्ड और महिला वार्ड में भर्ती मरीजों तथा उनके परिजनों से आमने सामने बातचीत की। इस दौरान दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय जांच, उपचार की व्यवस्था और अस्पताल में मिलने वाली अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई। मरीजों से मिले फीडबैक के आधार पर अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक सुधार के निर्देश दिये गये।
अधिकारियों ने कहा कि शासन की योजनाओं के तहत उपलब्ध दवाइयां मरीजों को अस्पताल से ही मिलनी चाहिये। किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से बाहर से दवा खरीदने के लिये मजबूर ना होना पड़े, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।
सफाई से लेकर स्टाफ की उपस्थिति तक जांच
निरीक्षण दल ने अस्पताल परिसर, वार्डों और शौचालयों की साफ सफाई व्यवस्था का भी बारीकी से जायजा लिया। बायोमेडिकल वेस्ट के नियमानुसार निपटान तथा अस्पताल परिसर में नियमित स्वच्छता बनाये रखने के निर्देश दिये गये।
इसके साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति पंजिका की जांच कर ड्यूटी के दौरान समयबद्धता और अनुशासन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी।
दवा स्टोर और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण
अधिकारियों ने दवा भंडारण कक्ष पहुंचकर उपलब्ध दवाइयों के स्टॉक, जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और दवाओं की वैधता की जानकारी ली। एक्सपायरी डेट वाली दवाओं को लेकर विशेष सावधानी बरतने और दवाओं का सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।
पैथोलॉजी लैब के निरीक्षण के दौरान जांच सुविधाओं, उपकरणों और उनकी कार्यशील स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने आवश्यक जांच सुविधाएं अस्पताल में ही उपलब्ध कराने पर जोर दिया ताकि दूरदराज से आने वाले मरीजों को जांच के लिये अनावश्यक रूप से भटकना ना पड़े।
मरीज और परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार पर जोर
औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मरीजों और उनके परिजनों के व्यवहार को भी महत्वपूर्ण माना। अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिये गये कि जरूरतमंद और गरीब मरीजों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाये तथा उन्हें उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी ना हो।
कलेक्टर के निर्देश पर हुए इस निरीक्षण से स्पष्ट है कि प्रशासन अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर है और स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि आगामी दिनों में भी स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा और व्यवस्थाओं में कमी या लापरवाही मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।



























































