12वें वेतन समझौते की वार्ता समिति के गठन को लेकर गरजा संयुक्त श्रम संघ
AITUC, HMS, INTUC और CITU ने किया जोरदार प्रदर्शन, महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन; जल्द वार्ता शुरू करने की मांग

जमुना-कोतमा। कोल इंडिया लिमिटेड एवं उसकी सहायक कंपनियों के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए 12वें वेतन समझौते (JBCCI-XII) की वार्ता समिति के गठन में हो रही देरी को लेकर संयुक्त श्रम संघ ने जमुना-कोतमा क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। AITUC, HMS, INTUC और CITU से जुड़े श्रमिक नेताओं एवं कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें रखीं और महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर वार्ता समिति का गठन जल्द कराने की मांग की। इस संयुक्त श्रम संघ में BMS शामिल नहीं है।
संयुक्त श्रम संघ ने अपने ज्ञापन में कहा कि 12वें वेतन समझौते की प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों में असंतोष और चिंता की स्थिति बनी हुई है। लंबे समय से वार्ता समिति के गठन में हो रही देरी को समाप्त करते हुए जल्द समिति गठित की जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर वेतन समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। श्रमिक संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच वार्ता जल्द शुरू होना आवश्यक है
श्रीकांत शुक्ला ने कहा- कर्मचारियों के हित में जल्द शुरू हो वार्ता
HMS के श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि 12वां वेतन समझौता कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। वार्ता समिति के गठन में अनावश्यक विलंब से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन को श्रमिक संगठनों की मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द वार्ता समिति का गठन करना चाहिए, ताकि वेतन समझौते की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके। उन्होंने श्रमिक हितों के साथ औद्योगिक शांति और उत्पादन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए संवाद को आवश्यक बताया
रमेश कुशवाहा बोले- समयबद्ध तरीके से पूरी हो वेतन समझौते की प्रक्रिया
INTUC के रमेश कुशवाहा ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा शर्तों से जुड़ी प्रक्रिया को अनिश्चितकाल तक लंबित रखना उचित नहीं है। 12वें वेतन समझौते के लिए वार्ता समिति का गठन जल्द किया जाना चाहिए और इसके बाद श्रमिक संगठनों के साथ नियमित रूप से वार्ता कर समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों और जायज मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रबंधन को सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
अयाज अली ने कहा- देरी से कर्मचारियों में बढ़ रही चिंता
AITUC के अयाज अली ने कहा कि 12वें वेतन समझौते की वार्ता समिति के गठन में हो रही देरी को लेकर कर्मचारियों में चिंता और असंतोष है। उन्होंने कहा कि श्रमिक संगठनों की मांग स्पष्ट है कि जल्द से जल्द वार्ता समिति गठित कर बातचीत शुरू की जाए। कर्मचारियों के हित में वेतन समझौते की प्रक्रिया को समयबद्ध किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक संगठन अपने अधिकारों और मांगों को लेकर एकजुट हैं तथा प्रबंधन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा रखते हैं।
इंद्रपती सिंह बोले- औद्योगिक शांति के लिए संवाद जरूरी
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CITU के इंद्रपती सिंह ने कहा कि श्रमिकों और प्रबंधन के बीच नियमित संवाद ही औद्योगिक शांति का आधार है। 12वें वेतन समझौते की वार्ता समिति के गठन में देरी को दूर कर जल्द बातचीत शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर समय रहते निर्णय होने से कर्मचारियों में विश्वास बढ़ेगा और उत्पादन व्यवस्था भी बेहतर तरीके से चल सकेगी। संयुक्त श्रम संघ ने इसी उद्देश्य को लेकर महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है।
जोरदार प्रदर्शन के बाद सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन में HMS से श्रीकांत शुक्ला एवं कौशलधीस द्विवेदी, AITUC से अयाज अली, प्रमोद खांडई एवं निशा मिश्रा, CITU से इंद्रपती सिंह एवं अनिल शर्मा तथा INTUC से रमेश कुशवाहा एवं संजय पटेल सहित संयुक्त श्रम संघ से जुड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए 12वें वेतन समझौते के लिए वार्ता समिति का गठन जल्द करने और वार्ता प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की गई।
संयुक्त श्रम संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में श्रमिक संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। संगठनों ने उम्मीद जताई कि कोल इंडिया प्रबंधन एवं संबंधित स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
















