अमरकंटक के मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं का आतंक,दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा
गुरुपूर्णिमा से पहले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्था सुधारने की मांग,साप्ताहिक बाजार में भी बढ़ रही परेशानीयां
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक जो देश के प्रमुख धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थलों में शामिल अमरकंटक में इन दिनों मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या आमजन , श्रद्धालुओं और वाहन चालकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है । नगर के प्रमुख मार्गों , बाजार क्षेत्रों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास बड़ी संख्या में गाय , बैल एवं बछड़े खुलेआम विचरण करते दिखाई दे रहे हैं जिससे हर समय सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है ।
बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है । फिसलन भरी सड़कों पर अचानक पशुओं के सामने आ जाने से दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । कई बार वाहन चालकों को दुर्घटना से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं जिससे स्वयं के साथ-साथ अन्य राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है ।
29 जुलाई को गुरुपूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा । इस अवसर पर अमरकंटक स्थित विभिन्न आश्रमों और धार्मिक स्थलों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु , शिष्य एवं भक्त गुरुपूजन और दर्शन के लिए पहुंचेंगे । श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के साथ वाहनों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी । ऐसे में मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है ।
रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है । बाजार क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशु दुकानदारों द्वारा बिक्री के लिए रखी गई सब्जियों , फलों एवं अन्य खाद्य सामग्रियों को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे व्यापारियों को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है । वहीं ग्राहकों और राहगीरों को भी असुविधा एवं भय का सामना करना पड़ता है । कई बार पशुओं के आपस में लड़ने से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो जाता है जिस कारण दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है ।
स्थानीय नागरिकों , व्यापारियों एवं साप्ताहिक बाजार के दुकानदारों ने नगर परिषद अमरकंटक और प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है । लोगों का कहना है कि नगर परिषद विशेष अभियान चलाकर आवारा पशुओं को गौशालाओं अथवा सुरक्षित स्थानों पर व्यवस्थित करे तथा पशु मालिकों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए ताकि नगर के मुख्य मार्गों को पशुओं से मुक्त कर श्रद्धालुओं , पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके ।
नगरवासियों ने प्रशासन से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने तथा गुरुपूर्णिमा से पूर्व प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की है जिससे अमरकंटक आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके ।
नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) चैन सिंह परस्ते ने बताया कि कई बार पशुपालकों को सूचित किया गया है लेकिन मवेशियों को अभी भी आवारा छोड़ रहे है , पुनः मुनादी करवाई जाएगी ।















