शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर कांग्रेस का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

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शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर कांग्रेस का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

कोतमा में धरना-प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, परीक्षा अनियमितताओं व छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जताई चिंता

कोतमा, 24 जुलाई। जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर ने शुक्रवार को शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं, छात्रों से जुड़े मुद्दों तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में कोतमा के गांधी चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। सभा को पूर्व विधायक मनोज कुमार अग्रवाल, जनपद सदस्य रेखा राठौर, जिला कांग्रेस कोषाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, पंचायती राज संगठन जिला अध्यक्ष संध्या वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा तथा युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद नदीम ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन युवा नेता रफी अहमद ने किया।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है तथा छात्रों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कोतमा के कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार देश में छात्रों, विपक्षी नेताओं एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से जुड़ी हालिया घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विपरीत हैं।

ज्ञापन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं तथा छात्रों के साथ कथित दमनात्मक कार्रवाई का उल्लेख करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताया गया। कांग्रेस का कहना है कि छात्र और युवा अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उनके साथ किया गया व्यवहार अनुचित है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को बलपूर्वक दबाना संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भावना के विपरीत है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं से युवाओं में भय और असुरक्षा का वातावरण बनता है तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास कमजोर होता है।

ज्ञापन के माध्यम से जिला कांग्रेस कमेटी ने चार प्रमुख मांगें रखीं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए अथवा उन्हें पद से हटाया जाए। दूसरी, प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं एवं व्यवस्थागत विफलताओं पर संसद में चर्चा कर दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तीसरी, नई दिल्ली में छात्रों एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर और आपराधिक प्रकरण वापस लिए जाएं। चौथी, जंतर-मंतर पर छात्राओं के साथ कथित अभद्रता तथा छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा ने ज्ञापन का वाचन किया। जिला कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति से लोकतंत्र की गरिमा, संविधान की मूल भावना और देश के युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।

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