एमसीबी। लोककला और पंडवानी गायन की अप्रतिम साधिका तीजन बाई के निधन पर भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के सांस्कृतिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।
प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि तीजन बाई ने अपनी विलक्षण प्रतिभा, ओजस्वी वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ की पंडवानी कला और लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका संपूर्ण जीवन भारतीय लोककला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिये समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि तीजन बाई का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनकी कला, साधना और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ जिला कोरिया के पूर्व संयोजक और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सनी हथगेन ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बचपन में दूरदर्शन और रेडियो पर तीजन बाई की ओजपूर्ण आवाज सुनकर महाभारत और रामकथा के प्रसंग सजीव हो उठते थे। उनकी अद्भुत गायन शैली और अभिनय ने करोड़ों लोगों के मन पर अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आज पूरा छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक दुनिया शोक में डूबी हुई है तथा आने वाली पीढ़ियां तीजन बाई को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरण करेंगी।
भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ ने दिवंगत लोककलाकार को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान भारतीय लोक संस्कृति के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।



































