कोतमा। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-43) स्थित शराब दुकान की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि दुकान पर शराब की बोतलें निर्धारित प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। इसके साथ ही कथित रूप से पैकरी और अवैध तरीके से शराब की बिक्री किए जाने की शिकायतों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-43 स्थित शराब दुकान पर ग्राहकों से मनमाने तरीके से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। विरोध करने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। कई लोगों का आरोप है कि दुकान के बाहर और आसपास के क्षेत्रों तक शराब पहुंचाने का भी काम किया जा रहा है, जिससे नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
श्रमिक नगर, राजनगर, कोतमा और आसपास के क्षेत्रों से भी इसी प्रकार की शिकायतें सामने आने के बाद नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शराब दुकानों के बिल, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि यदि जांच में प्रिंट रेट से अधिक वसूली, अवैध बिक्री या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आबकारी विभाग का कहना है कि यदि निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली अथवा नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है तो नियमानुसार जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं।




































