कोयलांचल में पत्रकार एकता का ऐतिहासिक संगम शहडोल संभाग से लेकर छत्तीसगढ़ तक के पत्रकार एक मंच पर आए, पत्रकारिता के सरोकारों पर हुआ मंथन

---Advertisement---

कोयलांचल में पत्रकार एकता का ऐतिहासिक संगम

शहडोल संभाग से लेकर छत्तीसगढ़ तक के पत्रकार एक मंच पर आए, पत्रकारिता के सरोकारों पर हुआ मंथन

जमुना-कोतमा। कोयलांचल क्षेत्र में पत्रकार एकता और पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित पत्रकार संगोष्ठी हर्षोल्लास, सौहार्द एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस संगोष्ठी में शहडोल संभाग सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने सहभागिता कर पत्रकारिता के समक्ष उपस्थित चुनौतियों, सामाजिक सरोकारों, संगठनात्मक मजबूती तथा पत्रकार हितों से जुड़े विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श किया

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों, वरिष्ठ पत्रकारों एवं पत्रकार साथियों का शाल, श्रीफल, स्मृति-चिन्ह एवं पुष्पमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया

समारोह में मंचासीन वरिष्ठ पत्रकारों एवं अतिथियों में सुनील चौरसिया, बृजेश सिरमौर, कैलाश पांडे, कैलाश लालवानी, सूरज श्रीवास्तव, अरुण द्विवेदी, भारत मिश्रा, नरेश वर्मा, हटेश्वर शर्मा, नीलू रजक, नूर मोहम्मद तन्हा, मनोज सिंह एवं मृगेंद्र सिंह सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे। वहीं राजकुमार यादव, अभिलाष मिश्रा, सिक्की मिश्रा, विनय उपाध्याय, प्रदीप उपाध्याय, बी.एल. सिंह चौहान, राजा मिश्रा, शिव लखन, राजकुमार साहू, जयप्रकाश, संदीप साहू, विकास साहू, बृजनंदन, अजय चौरसिया, दिनेश केवट, डबलू मिश्रा, मुख्तार अहमद, रंजीत नामदेव, राहुल कुशवाहा, बबलू पंडित सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों ने संगोष्ठी में सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

संगोष्ठी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें 25, 30 और 40 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकारों को एक ही मंच पर अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। वरिष्ठ पत्रकारों ने वर्तमान दौर की पत्रकारिता, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, निष्पक्ष समाचारों की आवश्यकता, पत्रकार सुरक्षा, पत्रकारों की सामाजिक भूमिका तथा संगठन की मजबूती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। युवा पत्रकारों ने भी वरिष्ठों के अनुभवों से सीख लेते हुए पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संकलन नहीं, बल्कि समाज और शासन-प्रशासन के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है। पत्रकारों को सत्य, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। साथ ही पत्रकारों की एकजुटता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे पत्रकार हितों और सामाजिक सरोकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती मिल सके।

वरिष्ठ पत्रकार कैलाश लालवानी ने कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व है। आज जब सूचना के अनेक माध्यम उपलब्ध हैं, तब पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे सत्य एवं प्रमाणिक तथ्यों को समाज के सामने रखें। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सुनील कुमार चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता अनेक चुनौतियों के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से अधिक है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होता है और उसे बिना किसी दबाव के जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए। इस प्रकार की संगोष्ठियां पत्रकारों के बीच संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम बनती हैं।

वरिष्ठ पत्रकार बृजेश चंद्र सिरमौर ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को जागरूक करना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि तकनीक और सोशल मीडिया के इस दौर में खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। पत्रकारों को अपने नैतिक मूल्यों एवं आचार संहिता का पालन करते हुए समाज के हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने आयोजन को पत्रकार एकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर संगठनात्मक मजबूती और पत्रकार हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। इस संगोष्ठी में वरिष्ठ और युवा पत्रकारों का एक मंच पर आना अत्यंत सकारात्मक संदेश देता है तथा आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों को अनुभव और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।

कोयलांचल क्षेत्र में आयोजित इस संगोष्ठी को पत्रकार एकता के महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय बाद विभिन्न समाचार पत्रों, चैनलों एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकार एक मंच पर दिखाई दिए, जिससे आपसी संवाद और समन्वय को नई दिशा मिली। उपस्थित पत्रकारों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे पत्रकार समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।

आयोजक संतोष चौरसिया ने कहा कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य पत्रकारों को एक मंच पर लाकर पत्रकारिता के सरोकारों, चुनौतियों और संगठनात्मक विषयों पर खुलकर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग और छत्तीसगढ़ के पत्रकारों की सहभागिता ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है। भविष्य में भी पत्रकार हितों एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे, जिससे पत्रकार एकता और मजबूत हो सके।

कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन दिवाकर विश्वकर्मा द्वारा किया गया। संगोष्ठी में सभी अतिथियों एवं पत्रकार साथियों का स्वागत भाषण एवं अभिनंदन संतोष चौरसिया ने किया तथा अंत में उपस्थित सभी जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

संगोष्ठी के समापन अवसर पर उपस्थित पत्रकारों ने आयोजक संतोष चौरसिया एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सभी ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे, जिससे पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूती मिलेगी और पत्रकारों के बीच एकता, सहयोग एवं समन्वय की भावना और अधिक प्रगाढ़ होगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment