रिश्तों को मजबूत बनाने और मानसिक संतुलन का मिला मंत्र, एनसीएल में हुई विशेष कार्यशाला

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रिश्तों को मजबूत बनाने और मानसिक संतुलन का मिला मंत्र, एनसीएल में हुई विशेष कार्यशाला

‘रिलेशनशिप मैनेजमेंट और इमोशनल वेल-बीइंग’ विषय पर विशेषज्ञों ने दिए जीवन प्रबंधन के गुर, 73 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

सिंगरौली। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को सीईटीआई परिसर, सिंगरौली में “फाइट क्लीन: स्ट्रेंथनिंग द बॉन्ड्स दैट फ्री अस” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं एवं इकाइयों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ संबंधों तथा भावनात्मक संतुलन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता एवं आध्यात्मिक प्रशिक्षक श्री देवामीरा दास ने कार्यस्थल और पारिवारिक जीवन में संबंधों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, प्रतिस्पर्धा और व्यस्त जीवनशैली के कारण पारस्परिक संबंधों में चुनौतियां बढ़ रही हैं, जिनका सीधा प्रभाव व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर पड़ता है।

उन्होंने प्रतिभागियों को घर और कार्यालय में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने, भावनाओं को नियंत्रित करने तथा बेहतर संवाद स्थापित करने के व्यावहारिक उपाय बताए। श्री देवामीरा दास ने कहा कि आत्म-जागरूकता, सीखने की निरंतर इच्छा और सही आध्यात्मिक मार्गदर्शन के माध्यम से व्यक्ति अपने संबंधों को अधिक मजबूत और सार्थक बना सकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी समस्या का समाधान प्रतिक्रियात्मक व्यवहार के बजाय समझदारी और विवेकपूर्ण निर्णयों से संभव है।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने आत्म-नियमन (सेल्फ-रेगुलेशन), प्रतिक्रियात्मक आदतों पर नियंत्रण तथा सचेत होकर निर्णय लेने की कला को समझा। कार्यशाला में एनसीएल की सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों से लगभग 73 प्रतिभागियों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से संवाद कर अपने अनुभव भी साझा किए।

प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में संतुलन स्थापित करने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने की नई दिशा मिली है।

गौरतलब है कि एनसीएल अपने कर्मचारियों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के लिए समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशालाओं का आयोजन करता रहा है। कंपनी की यह पहल कर्मचारियों को स्वस्थ, सकारात्मक और उत्पादक कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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