शौर्य संकल्प प्रशिक्षण 2026 से युवाओं को मिल रही नई दिशा 

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150 अभ्यर्थी ले रहे निःशुल्क प्रशिक्षण

अनूपपुर 10 जून 2026/ कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के निर्देशन तथा सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग श्रीमती मंजुला सेन्द्रे के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश शासन की शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026 के तहत जिले के 150 अन्य पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों का चयन कर उन्हें निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शासकीय सेवाओं में चयन के लिए आवश्यक शैक्षणिक एवं शारीरिक दक्षता प्रदान करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रियाओं की जानकारी देने के साथ-साथ लिखित परीक्षा एवं शारीरिक परीक्षण की तैयारी भी कराई जा रही है। जिले के अनेक ऐसे युवा, जो वर्दीधारी सेवाओं में शामिल होकर देश सेवा का सपना देखते हैं, इस योजना के माध्यम से अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

 

लिखित परीक्षा की तैयारी के साथ शारीरिक दक्षता पर विशेष जोर

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अभ्यर्थियों को सामान्य ज्ञान, गणित, तार्किक क्षमता, अंग्रेजी एवं कंप्यूटर विषयों की नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर युवाओं को मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों के अभ्यास, मॉडल टेस्ट एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी गतिविधियां भी कराई जा रही हैं। शारीरिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित खेल विशेषज्ञों की देखरेख में प्रतिदिन दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक सहित अन्य गतिविधियों का अभ्यास कराया जा रहा है। अभ्यर्थियों को भर्ती मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए नियमित फिटनेस प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।

 

45 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में मिल रही सभी सुविधाएं

 

शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत संचालित 45 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को भोजन, आवास, अध्ययन सामग्री तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रही है। प्रशिक्षण के माध्यम से अभ्यर्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का विकास हो रहा है, जिससे वे भविष्य में विभिन्न सुरक्षा बलों एवं शासकीय सेवाओं की भर्ती परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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