एसईसीएल की पहल से बदलेगी आंगनबाड़ियों की तस्वीर, बिलासपुर में मॉडल केंद्र का शुभारंभ
₹4.72 करोड़ की सीएसआर परियोजना के तहत जिले की 200 आंगनबाड़ियों का हो रहा आधुनिकीकरण, बच्चों को मिलेंगी आधुनिक शिक्षण व स्वच्छता सुविधाएं

बिलासपुर, 08 जून 2026।
साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले के लिंगियाडीह क्षेत्र में विकसित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ कर बाल शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह केंद्र जिले की 200 आंगनबाड़ियों के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण के लिए संचालित ₹4.72 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना का हिस्सा है।
लोकार्पण समारोह में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव तैयार करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के सीखने, खेलने और रचनात्मक विकास के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करेगा तथा अन्य केंद्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सीएसआर) अजय बेहरा, सीएसआर विभाग के अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर केंद्र में नामांकित 22 बच्चों को पुस्तकें, पेंसिल, ड्राइंग पैड, स्केच बुक एवं अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की गई। बच्चों और अभिभावकों में नई सुविधाओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।
एसईसीएल द्वारा विकसित इस मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में बाल-अनुकूल शिक्षण कक्ष, आकर्षक शैक्षणिक सामग्री, आधुनिक फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था तथा बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां वे खेल-खेल में सीख सकें और उनकी रचनात्मकता का विकास हो सके।
उल्लेखनीय है कि एसईसीएल अपने सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है। कंपनी द्वारा बिलासपुर जिले में कई महत्वपूर्ण जनहितकारी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बिलासपुर के सकरी क्षेत्र में एसईसीएल की सीएसआर निधि से निर्मित होने वाले अत्याधुनिक वृद्धाश्रम एवं दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का शिलान्यास भी किया गया था।
आंगनबाड़ियों के उन्नयन की यह पहल न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, बल्कि पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की परियोजनाएं ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखने में सहायक सिद्ध होंगी।




































