अमरकंटक में मूसलाधार बारिश से बह गए हजारों नारियल , व्यापारियों को भारी नुकसान
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में 30 मई 2026 को हुई अप्रत्याशित मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया । शनिवार शाम लगभग 4 बजे से 7 बजे तक लगातार तीन घंटे चली तेज बारिश , आंधी-तूफान और गरज-चमक के कारण नर्मदा उद्गम मंदिर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई । इस दौरान मंदिर परिसर के सामने दुकानों के बाहर रखे हजारों नारियल तेज पानी के बहाव में बह गए जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वर्षा इतनी अचानक और तीव्र थी कि दुकानदारों को अपना सामान सुरक्षित स्थान पर रखने का अवसर तक नहीं मिल सका । तेज हवा , मूसलाधार बारिश तथा छोटे आकार की ओलावृष्टि के चलते कुछ ही समय में नर्मदा उद्गम मंदिर के सामने लगभग एक फीट तक पानी भर गया । जलभराव के बीच बने चक्रवाती और घुमावदार बहाव में बड़ी संख्या में नारियल पानी में तैरते हुए इधर-उधर घूमते रहे और बाद में बह गए ।
मंदिर क्षेत्र के व्यापारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में नारियल दुकान के सामने रखे जाते हैं । अचानक हुई वर्षा और जलभराव के कारण हजारों नारियल बह गए जिससे उन्हें हजारों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है । कई दुकानदारों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन अभी किया जा रहा है लेकिन यह राशि काफी अधिक है ।
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । वायरल वीडियो में मंदिर के सामने जमा पानी में बड़ी संख्या में नारियल तैरते और घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं । वहीं कुछ पर्यटक , तीर्थयात्री और दर्शनार्थी बहते हुए नारियलों को पकड़ते और उठाते हुए भी नजर आ रहे हैं । बारिश और जलभराव के बीच यह दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र भी बना रहा ।
स्थानीय लोगों के अनुसार अमरकंटक में इस प्रकार की अचानक और अत्यधिक वर्षा की घटना हाल के समय में दूसरी बार देखने को मिली है ।
अमरकंटक में लगातार बदलते मौसम और असामान्य वर्षा ने व्यापारियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की चिंता भी बढ़ा दी है । व्यापारियों ने प्रशासन से मंदिर क्षेत्र में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति से बचा जा सके और व्यापारियों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके ।





































