एसईसीएल-सीडब्ल्यूसी के रणनीतिक एमओयू से कोयला परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार
समर्पित रेल लॉजिस्टिक्स और एकीकृत परिवहन सेवाओं के जरिए बढ़ेगी कोयला निकासी क्षमता, ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ
बिलासपुर, 28 मई। देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा कोयला परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एसईसीएल एवं सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (सीडब्ल्यूसी) के बीच कोयला लॉजिस्टिक्स, रेलवे रेक उपलब्धता एवं एकीकृत परिवहन सेवाओं के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
यह समझौता भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में किया गया है, जिसका उद्देश्य देश में बढ़ती कोयला मांग को समयबद्ध और सुगम तरीके से पूरा करना तथा बिजली, इस्पात, सीमेंट एवं अन्य प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
एसईसीएल लंबे समय से कोयला उत्पादन एवं आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कोयला निकासी क्षमता में वृद्धि और परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक एवं दक्ष बनाने के लिए कंपनी लगातार नई रणनीतियों पर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सीडब्ल्यूसी के साथ किया गया यह समझौता अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एमओयू के तहत दोनों संस्थाएं जीपीडब्ल्यूआईएस अथवा समकक्ष योजनाओं के अंतर्गत रेलवे रेक संचालन, एकीकृत रेल लॉजिस्टिक्स सेवाओं, मल्टीमॉडल परिवहन व्यवस्था, फर्स्ट-माइल एवं लास्ट-माइल कनेक्टिविटी तथा डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणालियों के उपयोग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करेंगी। इससे कोयला परिवहन की गति बढ़ेगी, लॉजिस्टिक बाधाएं कम होंगी तथा डिस्पैच प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि समर्पित रेलवे रेक संचालन और आधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली के उपयोग से कोयला परिवहन की लागत में कमी आएगी तथा उपभोक्ताओं तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इसके साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
समझौते के अनुसार एसईसीएल और सीडब्ल्यूसी संयुक्त रूप से दीर्घकालिक परिवहन समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य करेंगे। यह पहल न केवल कोयला उद्योग बल्कि रेलवे आधारित माल परिवहन क्षेत्र को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
यह महत्वपूर्ण एमओयू एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन तथा सीडब्ल्यूसी के प्रबंध निदेशक श्री संतोष सिन्हा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एसईसीएल के कार्यात्मक निदेशकगण, वरिष्ठ अधिकारी तथा सीडब्ल्यूसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोल इंडिया लिमिटेड ने 100 मिलियन टन उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसमें एसईसीएल ने 26.8 मिलियन टन से अधिक उत्पादन कर अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं सीडब्ल्यूसी, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है, जिसे वेयरहाउसिंग, एकीकृत लॉजिस्टिक्स, रेल आधारित माल परिवहन एवं मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है।
एसईसीएल और सीडब्ल्यूसी के बीच यह रणनीतिक साझेदारी देश की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।यह संस्करण दैनिक भास्कर, नवभारत, हरिभूमि, पत्रिका जैसे समाचार पत्रों में प्रकाशन योग्य शैली में तैयार किया गया है।




































