आईजीएनटीयू में यूपीएससी टॉपर्स द्वारा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन, छात्रों को मिली सफलता की रणनीति
अमरकंटक। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) के डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE) द्वारा प्रशासनिक भवन स्थित एफ-2 हॉल में “ग्रुप A एवं B प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं रणनीति” विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में DACE के छात्रों सहित विश्वविद्यालय के यूजी एवं पीजी छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के समन्वयक प्रो. तनमय कुमार घोराई ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. अवधेश कुमार शुक्ला ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने छात्रों को अनुशासन, निरंतर अध्ययन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में चयनित अभ्यर्थियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। सुश्री प्राची जैन (AIR 714) ने “जाति व्यवस्था (समाजशास्त्र) एवं रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन” विषय पर व्याख्यान देते हुए उत्तर लेखन, प्रश्नों की समझ तथा समाजशास्त्र की तैयारी की रणनीति साझा की। सुश्री भूमिका जैन (AIR 331) ने “एथिक्स (Quote Based Questions) एवं निबंध लेखन” विषय पर चर्चा करते हुए प्रभावी उत्तर लेखन, उद्धरण आधारित प्रश्नों के समाधान एवं निबंध लेखन की तकनीकों को विस्तार से समझाया। वहीं श्री पुलकित जैन (AIR 242) ने “भौगोलिक अवधारणाएँ – चक्रवात, सुनामी एवं भूकंप” विषय पर व्याख्यान देते हुए प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित वैज्ञानिक अवधारणाओं तथा परीक्षा उन्मुख तैयारी पर प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE), IGNTU द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. तनमय कुमार घोराई एवं डॉ. विमल राज ए. थे, जबकि सह-संयोजक के रूप में डॉ. साजिद महमूद, श्री शशांक मिश्रा एवं सुश्री सोनिया पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने विशेषज्ञ वक्ताओं से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि इस व्याख्यान श्रृंखला से उन्हें यूपीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, उत्तर लेखन, समय प्रबंधन तथा रणनीति निर्माण के संबंध में अत्यंत उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम छात्रों के लिए प्रेरणादायक एवं लाभकारी सिद्ध हुआ।





































