हिंदुस्तान पावर (पूर्व में मोजर बेयर) प्लांट में श्रमिक की संदिग्ध मौत से हड़कंप

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हिंदुस्तान पावर (पूर्व में मोजर बेयर) प्लांट में श्रमिक की संदिग्ध मौत से हड़कंप

 

जैतहरी स्थित हिंदुस्तान पावर लिमिटेड (मोजर बेयर पावर प्लांट) में काम के दौरान 48 वर्षीय श्रमिक देवसरन केवट की मौत, बिना पोस्टमार्टम शव भेजने पर भड़के परिजन

अनूपपुर/जैतहरी। जिले के जैतहरी स्थित हिंदुस्तान पावर लिमिटेड (पूर्व में मोजर बेयर पावर प्लांट) में कार्यरत एक श्रमिक की काम के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान देवसरन केवट (48 वर्ष), निवासी ग्राम चांदपुर, ग्राम पंचायत महुदा, जिला अनूपपुर के रूप में हुई है। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि श्रमिक की मौत के बाद कंपनी और प्रबंधन के लोग बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को आनन-फानन में घर भेजने की तैयारी कर रहे थे, जिसे लेकर मौके पर जमकर हंगामा हुआ।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवसरन केवट हिंदुस्तान पावर लिमिटेड, जैतहरी में कार्यरत थे। स्थानीय स्तर पर यह संयंत्र अब भी पुराने नाम मोजर बेयर पावर प्लांट के रूप में जाना जाता है। मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सहकर्मियों द्वारा उन्हें तत्काल उपचार के लिए ले जाने की बात कही जा रही है, लेकिन इसी बीच उनकी मौत हो गई। श्रमिक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।

 

परिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश करते हुए बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के शव को सीधे घर भेजने की तैयारी शुरू कर दी। परिजनों ने जब पोस्टमार्टम और मृत्यु के वास्तविक कारण को लेकर सवाल उठाया तो मौके पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। आक्रोशित परिजनों ने शव ले जाने से साफ इनकार कर दिया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

 

मृतक के परिजनों का कहना है कि जब तक कंपनी प्रबंधन लिखित रूप में यह स्पष्ट नहीं करेगा कि मृतक के परिवार को क्या मुआवजा, क्या आर्थिक सहायता और

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कौन-कौन से वैधानिक लाभ दिए जाएंगे, तब तक वे शव नहीं ले जाएंगे। इसी मांग को लेकर देर शाम तक परिजनों, ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच तीखी बहस चलती रही।

 

घटना के बाद प्लांट परिसर में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। परिजन और ग्रामीण लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मृतक की मौत की निष्पक्ष जांच हो, पोस्टमार्टम कराया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि श्रमिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा, नौकरी और वैधानिक सुविधाएं तत्काल प्रदान की जाएं।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर अक्सर गंभीर लापरवाही बरती जाती है, जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं और श्रमिकों की मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और श्रमिक हितों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

फिलहाल परिजनों के हंगामे के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौते की कोशिशें जारी हैं, लेकिन परिजन लिखित आश्वासन, वैधानिक मुआवजा और विधिसम्मत कार्रवाई पर अड़े हुए हैं।

 

अब देखना यह होगा कि हिंदुस्तान पावर लिमिटेड (पूर्व में मोजर बेयर) प्रबंधन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और प्रशासन इस पूरे प्रकरण में कितनी गंभीरता से हस्तक्षेप करता है। फिलहाल जैतहरी स्थित प्लांट में श्रमिक की मौत के बाद आक्रोश और तनाव का माहौल बना हुआ है।

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