लूट के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, अनूपपुर अदालत का सख्त रुख

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लूट के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, अनूपपुर अदालत का सख्त रुख

अनूपपुर।
लूट के गंभीर मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। अनूपपुर के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पटेल की अदालत ने थाना कोतवाली अनूपपुर के अपराध क्रमांक 142/26 में गिरफ्तार आरोपी धर्मेंद्र वंशकार, राज वंशकार और राहुल वंशकार की जमानत याचिका निरस्त कर दी। अदालत ने आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, अपराध की गंभीरता और प्रकरण की परिस्थितियों को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया।

मामला उस समय का है जब हैदराबाद से मजदूरी कर लौटे मजदूर के साथ अनूपपुर में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। जानकारी के अनुसार 8 मार्च 2026 को राकेश कुमार केवट निवासी ग्राम बैहाटोला थाना बिजुरी ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साथी चमनलाल केवट के साथ हैदराबाद से ट्रेन से अनूपपुर पहुंचा था। घर जाने के लिए ट्रेन में विलंब होने के कारण दोनों पुरानी सब्जी मंडी स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय परिसर में फ्रेश होने गए थे।

इसी दौरान धर्मेंद्र वंशकार, राज वंशकार, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार और राहुल वंशकार वहां पहुंचे और बियर की बोतल तोड़कर राकेश के पेट में अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने राकेश कुमार केवट से वीवो कंपनी का करीब 19 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन और 1400 रुपये नगद लूट लिए और मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।

घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद थाना कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4) और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा एसडीओपी के मार्गदर्शन में टीआई अरविंद जैन के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और धर्मेंद्र वंशकार निवासी चंदासटोला अनूपपुर, राज वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार निवासी बुढार जिला शहडोल तथा राहुल वंशकार निवासी केशवाही जिला शहडोल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूट में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, 19 हजार रुपये कीमत का वीवो कंपनी का मोबाइल फोन तथा 1400 रुपये नकद भी बरामद किए गए।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में अनूपपुर जिला जेल भेज दिया गया था। इसके बाद आरोपियों की ओर से अदालत में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई, जिस पर सुनवाई के दौरान अदालत ने अपराध की गंभीरता और आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।

अदालत के इस निर्णय को कानून-व्यवस्था के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अपराधियों में भय का माहौल और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने की उम्मीद है।

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