ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
बदनावर। क्षेत्र के ग्राम किशनपुरा में आदिवासी समाज का विशाल सामूहिक विवाह समारोह हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन पिछले लगभग 26 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है और धार जिले में बिना किसी बाहरी सहायता के आयोजित होने वाला सबसे बड़ा आदिवासी सामूहिक विवाह माना जाता है।इस आयोजन में किशनपुरा, चिराखान, मानपुरा, इन्द्रावल, बोरझड़ी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। आयोजन की विशेषता यह है कि समिति में कोई अध्यक्ष या पदाधिकारी नहीं होता, बल्कि पूरा कार्यक्रम सामूहिक सहयोग और सहभागिता से सफल बनाया जाता है। पाजापाड़ा में यह आयोजन लगातार आयोजित होता आ रहा है।इस वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, 28 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें कुल 40 जोड़ों का विवाह विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। पंडित मोहनलाल शर्मा द्वारा सभी वैवाहिक रस्में संपन्न कराई गईं।
समिति की ओर से प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को गृहस्थी प्रारंभ करने हेतु 43 प्रकार के उपयोगी सामग्री भेंट की गई। साथ ही सभी वधुओं को मंगलसूत्र प्रदान किए गए। बदनावर विधायक भँवर सिंह शेखावत द्वारा सभी वधुओं को मिक्सर भेंट किए गए। वरिष्ठ समाजसेवक शरद सिंह सिसोदिया तथा अभिषेक सिंह (टिकू बना)द्वारा चिल्ड वाटर केन भेंट किए गए। अशोक पटेल द्वारा दीवार घड़ी भेंट की गई। वहीं मंडल अध्यक्ष संतोष ढोलकिया द्वारा कार्यक्रम में ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था की गई।समिति से जुड़े युवाओं ने बताया कि इस सामूहिक विवाह का मुख्य उद्देश्य समाज में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देना तथा अनावश्यक खर्च और फिजूलखर्ची पर रोक लगाना है। यह आयोजन नाममात्र की पंजीयन राशि में संपन्न कराया जाता है, जिससे वर-वधू पक्ष पर आर्थिक बोझ न पड़े।कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के युवाओं का सराहनीय योगदान रहा। इनमें प्रमुख रूप से संजय भूरिया, रवि कटारे, राकेश भूरिया, राधेश्याम कटारे, चंदन भूरिया, होकम सिंह निनामा, मांगीलाल मेडा, दामा बॉ हटिला, कुंदन कटारे, मांगीलाल डामर, गिरधारी लाल चौहान, उमेश भाभर, मुकेश कटारे, प्रदीप कटारे, मनीष डामर सहित समस्त आदिवासी समाज के नवयुवक शामिल रहे।


















