एमसीबी। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत शुरू की गई महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय योजना ‘ज्ञान भारतम्’ के तहत जिले में पांडुलिपियों के संरक्षण, पहचान और दस्तावेजीकरण की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। गठित समिति में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर निगम चिरमिरी के आयुक्त, नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, विवेकानंद महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ के प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को सदस्य बनाया गया है वहीं योजना के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के डॉ. विनोद कुमार पांडेय को सौंपी गई है जिन्हें समिति का सचिव एवं जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
डॉ. पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय अभियान का मुख्य उद्देश्य देशभर में विभिन्न स्थानों जैसे विद्यालयों, पुस्तकालयों, संग्रहालयों और निजी संग्रहों में सुरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों (हस्तलिखित ग्रंथों) का अन्वेषण, संरक्षण और डिजिटलीकरण करना है। इसके माध्यम से इन दुर्लभ धरोहरों को ना केवल सुरक्षित रखा जायेगा बल्कि आम लोगों और शोधकर्ताओं के लिये भी सुलभ बनाया जायेगा।
उन्होंने बताया कि ‘ज्ञान भारतम्’ योजना भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जो आने वाली पीढ़ियों तक हमारी सांस्कृतिक विरासत को पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी। इसके तहत जिले में सर्वेक्षण कार्य भी संचालित किया जायेगा जिसमें विभिन्न संस्थानों और आम नागरिकों से सहयोग अपेक्षित है।
जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, धार्मिक स्थलों और निजी संग्राहकों से अपील की है कि वे अपने पास उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी साझा करें ताकि उन्हें इस राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके।









