कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर।
शहडोल और अनूपपुर जिले की सीमा से लगे जंगलों में तीन हाथियों का समूह लगातार विचरण कर रहा है। मंगलवार रात बुढार वन परिक्षेत्र की सीमा पार कर यह झुंड अनूपपुर वन मंडल के अहिरगवां वन परिक्षेत्र अंतर्गत पश्चिम कठौतिया के जंगल में पहुंच गया। बुधवार सुबह तीनों हाथी बड़का उमरहा के जंगल में एक ऊमर के पेड़ के नीचे लेटकर विश्राम करते हुए देखे गए।
वन विभाग के अनुसार यह क्षेत्र राजस्व सीमा में शहडोल जिले की सोहागपुर तहसील और सिंहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। मंगलवार सुबह हाथियों का समूह अरझुली पंचायत क्षेत्र के जंगलों में दिनभर रुका रहा। देर शाम सिलपरी गांव के पास दलान क्षेत्र में पहुंचकर हाथियों ने किसानों के खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया और भोजन किया।
इसके बाद देर रात दौरान के पहाड़ से उतरते हुए हाथियों ने अनूपपुर वन मंडल के अहिरगवां वन परिक्षेत्र के पूर्व कठौतिया क्षेत्र में प्रवेश किया। यहां कठई गांव के जमुनिहाटोला निवासी दरवेश सिंह के मकान में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई। इसके अलावा कोटद्वार गांव निवासी महेश सिंह की बाड़ी में लगे केले के पेड़ भी हाथियों ने खा लिए।
मंगलवार-बुधवार की मध्यरात्रि लगभग दो बजे हाथियों का यह झुंड पूर्व कठौतिया के जंगल से होते हुए पश्चिम कठौतिया बीट के बड़का उमरहा के जंगल में पहुंचा, जहां बुधवार सुबह तीनों हाथी एक पेड़ के नीचे लेटकर आराम करते देखे गए। बताया जा रहा है कि शाम और रात के समय यह झुंड शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र के तलवाटोला, कोटवार खुर्द, कोटवार कला और सामतपुर के आसपास के इलाकों में भी विचरण कर सकता है।
वन परिक्षेत्र अहिरगवां की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। परिक्षेत्र सहायक, वनपाल रणविजय सिंह, वनरक्षक उमेश सिंह सरठिया सहित अन्य वनरक्षक और सुरक्षा श्रमिकों की टीम मौके पर निगरानी कर रही है। वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि वे दिन के समय महुआ बीनने या अन्य कार्यों के लिए जंगल न जाएं और शाम तथा रात के समय सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
वन विभाग ने यह भी कहा है कि यदि हाथियों के विचरण से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग या ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों को सूचित करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके।


















