अनूपपुर 10 मार्च 2026/ कहते हैं कि जब मेहनत के साथ नई सोच और आधुनिक तकनीक का साथ मिल जाए, तो खेती भी समृद्धि का मजबूत आधार बन सकती है। ग्राम कुसुमहाई, विकासखण्ड जैतहरी के प्रगतिशील कृषक श्री पवन कुमार पटेल ने इसी सोच को साकार करते हुए खेती में नवाचार की एक मिसाल प्रस्तुत की है। उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों को अपनाकर न केवल अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बन गए हैं।
श्री पवन कुमार पटेल ने खेती को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाते हुए आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया। गहरी जुताई के लिए रिवर्सिबल प्लाउ, बुवाई के लिए सीड ड्रिल तथा फसल कटाई के लिए रीपर जैसे उन्नत कृषि यंत्रों का प्रयोग कर उन्होंने खेती को अधिक वैज्ञानिक, समयबद्ध और लाभकारी बनाया। इससे श्रम और समय की बचत के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला।
रबी सीजन के दौरान उन्होंने कुल 250 घंटे कृषि कार्य किया, जिससे उन्हें लगभग 4.30 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक और योजनाओं का सही उपयोग करें, तो खेती लाभ का सशक्त माध्यम बन सकती है। उन्हें कस्टम हायरिंग योजना के अंतर्गत कृषि अभियांत्रिकी विभाग से कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान प्राप्त हुआ। इस योजना के माध्यम से उन्होंने ट्रैक्टर सहित कुल 07 कृषि यंत्र खरीदे, जिनकी कुल लागत 20 लाख 48 हजार रुपये रही। इसमें से लगभग 8 लाख रुपये का अनुदान विभाग द्वारा प्रदान किया गया।
कृषक श्री पवन कुमार पटेल इस हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन तथा कृषि विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अन्य किसानों को भी खेतों में नरवाई न जलाने, आधुनिक कृषि यंत्र अपनाने और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।















