96वें दिन टिटही के जंगल पहुंचे तीन हाथी, रात में मकान तोड़कर अनाज खाया, खेतों में फसलों को पहुंचाया नुकसान

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कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर शशिधर अग्रवाल

 

अनूपपुर, 28 मार्च। छत्तीसगढ़ की सीमा से आए तीन जंगली हाथियों का दल पिछले 96 दिनों से अनूपपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। शनिवार की सुबह यह समूह वन परिक्षेत्र अहिरगवां अंतर्गत टिटही-जैतहरी बीट के सागौन प्लांटेशन के जंगल में पहुंचकर विश्राम करता देखा गया। बीते तीन दिनों के दौरान हाथियों ने तीन मकानों और एक झोपड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा घरों में रखे अनाज और आसपास के खेतों की फसलों को नुकसान पहुंचाया।

 

जानकारी के अनुसार हाथियों का यह दल छत्तीसगढ़ से होते हुए अनूपपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर जैतहरी, अनूपपुर वन परिक्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार घूम रहा है। इस दौरान एक दिन शहडोल जिले के बुढार क्षेत्र तक भी पहुंचा और फिर वापस अनूपपुर के वन क्षेत्रों में लौट आया। पिछले चार दिनों से यह दल वन परिक्षेत्र अहिरगवां, तहसील एवं जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के जंगलों में दिन के समय ठहरता है और रात होते ही गांवों की ओर निकलकर खेतों और घरों में रखे अनाज को नुकसान पहुंचा रहा है।

 

सोमवार को हाथियों का समूह पश्चिम कठौतिया बीट के बड़का उमरहा जंगल में देखा गया। इसके बाद रात में कठौतिया निवासी छोट्ठन कोल तथा सामतपुर निवासी विष्णु कोल के खेतों में लगे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। मंगलवार को यह दल पश्चिम कठौतिया के जंगलों में ठहरा और शाम होते ही ग्राम पंचायत अल्वार के घाटा बैरागी गांव पहुंच गया, जहां वीर सिंह पिता रातू सिंह के खेत में लगी गेहूं और चना की फसल को कई घंटों तक खाया। इसके साथ ही गेंद सिंह पिता संतू सिंह गोंड तथा अमरा पिता गमरा नायक के घरों की दीवार तोड़कर अंदर रखे अनाज को भी नुकसान पहुंचाया।

 

गुरुवार रात हाथियों का दल ग्राम पंचायत सरई के रामटोला और खुसुरगोंड पयारी होते हुए आगे बढ़ा। शुक्रवार सुबह यह समूह अहिरगवां के हिंडोला पहाड़ के जंगल में दिनभर विश्राम करता रहा। शाम और रात में गांव में प्रवेश कर वार्ड क्रमांक 5 निवासी पूर्व जनपद अध्यक्ष पुष्पराजगढ़ शिवपाल सिंह के घर की दीवार तोड़कर घर में रखी विभिन्न प्रकार की फसलों को बोरियों सहित बाहर निकालकर खा गया। देर रात तरेरा निवासी राजेंद्र सिंह के खेत में बनी झोपड़ी को भी तोड़ दिया और उसमें रखी दो बोरी मसूर खा गया।

 

ग्रामीणों ने हाथियों को अपने क्षेत्र से दूर भगाने के लिए विभिन्न प्रयास किए, लेकिन कई स्थानों पर हाथियों ने भी अपनी सुरक्षा के लिए लोगों को दौड़ाकर भगाया। वन विभाग अहिरगवां और बिजुरी के अधिकारी-कर्मचारी, सुरक्षा श्रमिकों तथा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ लगातार हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रख रहे हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सूचना दी जा रही है।

 

वन विभाग द्वारा गांवों में मुनादी और अन्य माध्यमों से लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिसके कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। वहीं राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा हाथियों से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर राहत प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं।

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