उच्च न्यायालय के आदेश लागू कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 26 हजार मानदेय दे सरकार : विभा पांडेय
अनूपपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक मध्य प्रदेश की प्रांतीय महासचिव विभा पांडेय ने केंद्र एवं राज्य सरकार से जबलपुर उच्च न्यायालय के फैसले को तत्काल लागू करने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास सावित्री ठाकुर तथा मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लंबित एरियर्स तथा ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए।
विभा पांडेय ने बताया कि वर्ष 2019 में जबलपुर उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कटे हुए मानदेय की बहाली एवं ग्रेच्युटी भुगतान की मांग की गई थी। न्यायालय ने 3 मई 2026 को दिए आदेश में 6 प्रतिशत ब्याज सहित बकाया राशि का भुगतान 3 जून 2026 से पूर्व करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2023 में कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि तो की, लेकिन पूर्व अवधि का एरियर्स अब तक नहीं दिया गया। यूनियन ने मांग की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 26 हजार रुपए एवं सहायिकाओं को 13 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
संगठन ने आंगनबाड़ी केंद्रों के 50 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, बेहतर मोबाइल उपलब्ध कराने तथा उनसे केवल बच्चों की शिक्षा और पोषण संबंधी कार्य ही कराने की मांग भी उठाई है। यूनियन ने इसे आंगनबाड़ी कर्मियों के सम्मान और जीवन स्तर सुधार से जुड़ा मुद्दा बताया है।




































