टीडीएस नियमों की अनदेखी से सप्लायरों पर बढ़ा आर्थिक बोझ जीएसटी विभाग ने ग्राम पंचायत बिजौड़ी को जारी किया नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

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टीडीएस नियमों की अनदेखी से सप्लायरों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

जीएसटी विभाग ने ग्राम पंचायत बिजौड़ी को जारी किया नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

अनूपपुर। जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में जीएसटी नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कई ग्राम पंचायतें 2.50 लाख रुपये से अधिक के बिल भुगतान में जीएसटी अधिनियम की धारा 51 के तहत अनिवार्य 2 प्रतिशत टीडीएस काटने की प्रक्रिया का पालन नहीं कर रही हैं। नियमों के अनुसार पंचायत को बिल राशि का 2 प्रतिशत टीडीएस काटकर सीधे शासन के खाते में जमा करना होता है, जबकि शेष भुगतान सप्लायर को दिया जाना चाहिए।

 

उदाहरण के तौर पर यदि किसी सप्लायर का 2 लाख 50 हजार रुपये का बिल है, तो पंचायत को 5 हजार रुपये टीडीएस के रूप में काटकर सरकार के खाते में जमा करना चाहिए और 2 लाख 45 हजार रुपये सप्लायर को भुगतान करना चाहिए। लेकिन आरोप है कि ग्राम पंचायतें सप्लायरों से ही टीडीएस की राशि जमा करवाकर उन्हें पूरा भुगतान कर रही हैं, जिससे सप्लायरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

 

इस मामले की शिकायत जीएसटी विभाग अनूपपुर में की गई थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने ग्राम पंचायत बिजौड़ी को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले के सामने आने के बाद पंचायतों की वित्तीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

 

स्थानीय सप्लायरों का कहना है कि पंचायतों की इस प्रक्रिया के कारण उन्हें अनावश्यक आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है। उन्होंने जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत प्रशासन से मांग की है कि इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जाए और सभी पंचायतों को जीएसटी नियमों के तहत पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए जाएं।

 

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि दोषियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

 

इनका कहना है

“ग्राम पंचायत बिजौड़ी में कार्यों का भुगतान कार्य प्रगति के आधार पर किया जाता है। यदि किसी कार्य का 100 प्रतिशत में 30 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है, तो उसी अनुपात में 30 प्रतिशत भुगतान किया गया है। जहां तक सप्लायरों से 2 प्रतिशत जीएसटी जमा करवाने की बात है, तो इसका कोई प्रमाण प्रस्तुत किया जाए।”

— मनोज राठौर, सरपंच, ग्राम पंचायत बिजौड़ी

 

इनका कहना है

“हमारे यहां इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। हमने जनपद पंचायत में पिछले 3 माह से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बैठा रखा है, ऐसे में यदि इस प्रकार की कोई अनियमितता होती तो जानकारी में आती। फिर भी शिकायत सामने आई है तो संबंधित दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

— के.के. रैकवार, सीईओ, जनपद पंचायत जैतहरी

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