एमसीबी। जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ 24 मार्च 2026 से किया गया है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में टीबी उन्मूलन के लिये जिलेभर में व्यापक स्वास्थ्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
अभियान के अंतर्गत 25 मार्च से हाई रिस्क ग्रामों में आयुष्मान आरोग्य शिविरों के माध्यम से हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन द्वारा सघन स्क्रीनिंग की जा रही है। अब तक 18 चिन्हित ग्रामों में शिविर आयोजित कर 1386 लोगों की जांच की जा चुकी है वहीं मनेन्द्रगढ़ उप जेल में भी विशेष शिविर लगाकर 128 बंदियों की स्क्रीनिंग की गई।
संदिग्ध मामलों की पुष्टि के लिये 546 लोगों की NAAT जांच कराई गई जिसमें 17 नये टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार प्रारंभ कर दिया गया है।
*सघन सर्वे और चिन्हांकन पर जोर*
अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनें घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं। उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों का डेटा ‘निक्षय आईडी’ के माध्यम से दर्ज कर उन्हें ट्रैक किया जा रहा है ताकि समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
*जनभागीदारी से मिलेगी मजबूती*
जिला प्रशासन ने आमजन, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं से अपील की है कि वे “निक्षय मित्र” बनकर टीबी मरीजों को गोद लें और उन्हें पोषण आहार उपलब्ध करायें। इससे मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होगा और अभियान को मजबूती मिलेगी।
प्रशासन ने विश्वास जताया है कि जनसहयोग और निरंतर प्रयासों से जिले को जल्द ही टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।


















































