स्वालंबन की मिसाल: विप्र संघ महिला समिति ने जरूरतमंद को भेंट किया स्वरोजगार का ठेला
कोयलांचल समाचार के लिए शहडोल से अरुण कुमार द्विवेदी की रिपोर्ट

शहडोल। समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय विप्र संघ महिला समिति ने एक बार फिर संवेदनशील पहल करते हुए जरूरतमंद परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। समिति द्वारा पुरानी बस्ती निवासी गोलू कोरी को स्वरोजगार प्रारंभ करने के उद्देश्य से एक ठेला भेंट किया गया, ताकि वे स्वयं का रोजगार शुरू कर सम्मानपूर्वक अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें
इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष पुष्पा द्विवेदी, नीलम चतुर्वेदी, मंजू पांडे, सुनीता मिश्रा एवं सरोज तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी सदस्यों ने गोलू कोरी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यह छोटी-सी पहल उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर प्रदान करेगी।
समिति की महिलाओं ने कहा कि समाज के जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना ही संस्था का प्रमुख उद्देश्य है। आर्थिक सहायता के साथ स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराना किसी भी व्यक्ति के आत्मसम्मान को बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। ऐसे प्रयास न केवल एक परिवार का भविष्य संवारते हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि समाज के सक्षम लोग इसी प्रकार जरूरतमंदों का हाथ थामें, तो अनेक परिवार आत्मनिर्भर बन सकते हैं और बेरोजगारी जैसी समस्या से भी काफी हद तक राहत मिल सकती है।
विप्र संघ महिला समिति की इस पहल ने यह संदेश दिया कि “जब समाज मिलकर किसी एक परिवार को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देता है, तभी सशक्त और समृद्ध समाज की नींव वास्तव में मजबूत होती है।” समिति ने भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित और महिला सशक्तिकरण से जुड़े जनकल्याणकारी कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।















