भारतीय फोटो पत्रकारिता के महान शिल्पी को शिक्षकों-छात्रों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
अमरकंटक, 30 अप्रैल 2026। भारतीय फोटो पत्रकारिता के विश्वविख्यात हस्ताक्षर और प्रख्यात फोटो जर्नलिस्ट रघु राय के निधन पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में गुरुवार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर भारतीय दृश्य पत्रकारिता के इस महान पुरोधा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर फिल्म डिवीजन ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित चर्चित डॉक्यूमेंट्री “रघु राय – हियरिंग थ्रू द आईज” का विशेष प्रदर्शन किया गया। डॉक्यूमेंट्री में रघु राय के जीवन, संघर्ष, रचनात्मक दृष्टि और भारतीय समाज को कैमरे के माध्यम से देखने की उनकी अद्भुत क्षमता को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। फिल्म के प्रदर्शन के दौरान सभागार में गहरी संवेदना और भावनात्मक वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संकाय डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. राघवेंद्र मिश्रा ने कहा कि रघु राय केवल एक फोटोग्राफर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा के दृश्य इतिहासकार थे। उन्होंने अपनी तस्वीरों के माध्यम से भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई।
प्रो. मिश्रा ने कहा, “रघु राय ने कैमरे को केवल तकनीक नहीं, बल्कि संवेदना और सरोकार का माध्यम बनाया। उनकी तस्वीरें सिर्फ दृश्य नहीं, बल्कि समय, समाज और मनुष्यता की जीवंत दस्तावेज हैं। उन्होंने आम आदमी के जीवन, ऐतिहासिक घटनाओं, राजनीतिक परिवर्तनों और मानवीय संवेदनाओं को जिस गहराई से कैद किया, वह भारतीय फोटो पत्रकारिता की अमूल्य धरोहर है।”
उन्होंने आगे कहा कि रघु राय का मैग्नम फोटोज से जुड़ना भारतीय फोटो पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि थी। उनके कार्यों ने भारतीय दृश्य पत्रकारिता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और नई पीढ़ी के पत्रकारों को संवेदनशील दृष्टि के साथ समाज को देखने की प्रेरणा दी।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने भी रघु राय के कार्यों को याद करते हुए उन्हें भारतीय पत्रकारिता का प्रेरक व्यक्तित्व बताया। वक्ताओं ने कहा कि रघु राय ने कैमरे से सिर्फ दृश्य नहीं, बल्कि समय की धड़कनों को दर्ज किया।
कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत रघु राय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान डॉ. वसु चौधरी, डॉ. सपना, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. दिलीप चौधरी, पीएचडी शोधार्थी विवेक नेमा सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा ने यह संदेश दिया कि रघु राय जैसे रचनाकार भले ही देह से विदा हो जाएँ, किंतु उनकी दृष्टि, संवेदना और सृजनशीलता सदैव भारतीय पत्रकारिता और कला जगत को दिशा देती रहेगी।















































