रेलवे स्टेशन से लापता डेढ़ वर्षीय मासूम एक घंटे में मिली: कोतवाली पुलिस की तत्परता से परिवार को मिली बड़ी राहत

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रेलवे स्टेशन से लापता डेढ़ वर्षीय मासूम एक घंटे में मिली: कोतवाली पुलिस की तत्परता से परिवार को मिली बड़ी राहत

सीसीटीवी फुटेज और आरपीएफ की मदद से रेलवे कॉलोनी में सुरक्षित मिली बच्ची, परिजनों को किया सुपुर्द

अनूपपुर। कोतवाली थाना पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए रेलवे स्टेशन परिसर से लापता हुई डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची को महज एक घंटे के भीतर सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई और बच्ची के परिजनों ने राहत की सांस ली।

जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर निवासी श्रीदेवी बरकडे (24) पत्नी अनुज बरकडे 31 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे अपनी डेढ़ वर्षीय पुत्री मैद्या सिंह बरकडे के साथ भोपाल जाने के लिए अनूपपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थीं। स्टेशन के बाहर खड़े रहने के दौरान बच्ची पास में खेल रही थी। इसी बीच वह अचानक लापता हो गई। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने पर श्रीदेवी बरकडे ने तत्काल कोतवाली थाना पहुंचकर सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मारकाम के निर्देशन तथा थाना प्रभारी संजय अशोक एक्का के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने बिना समय गंवाए रेलवे स्टेशन और शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सहायता से रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाश अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस टीम रेलवे कॉलोनी पहुंची, जहां से बच्ची मैद्या सिंह बरकडे को सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि बच्ची को उसकी बुआ रेलवे स्टेशन के बाहर अकेले खेलते हुए देखकर अपने साथ रेलवे कॉलोनी स्थित घर ले गई थी। परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं होने से बच्ची के गुम होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।

सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने बच्ची को उसकी मां श्रीदेवी बरकडे को परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में सुरक्षित सुपुर्द कर दिया।

इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति, उप निरीक्षक त्रिलोक वालरे सहित कोतवाली थाना स्टाफ और आरपीएफ की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग और समन्वित प्रयासों की स्थानीय लोगों ने सराहना की। घटना ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर सूचना और पुलिस की तत्परता से संभावित गंभीर परिस्थितियों को टाला जा सकता है।

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