अनूपपुर। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मोबलाइजर्स की सेवाएं समाप्त किए जाने के निर्णय को लेकर राजनीतिक विरोध तेज होने लगा है। आम आदमी पार्टी (AAP) की अनूपपुर जिला इकाई ने इस फैसले का कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए इसे हजारों युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य पर सीधा प्रहार बताया है। पार्टी ने सरकार से तत्काल निर्णय वापस लेकर सभी प्रभावित मोबलाइजर्स की सेवाएं बहाल करने की मांग की है तथा चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिले में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
पार्टी के जिला सचिव दिलीप कुमार बैगा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मोबलाइजर्स वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, जागरूकता अभियान तथा विकास संबंधी कार्यक्रमों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनका योगदान रहा है। इसके बावजूद सरकार ने बिना पूर्व सूचना, बिना वैकल्पिक व्यवस्था और बिना किसी राहत पैकेज के उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं, जिससे बड़ी संख्या में परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कम मानदेय पर कार्य करने वाले इन कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दीं, लेकिन सरकार ने उनके योगदान की अनदेखी करते हुए अचानक उन्हें रोजगार से वंचित कर दिया। पार्टी का कहना है कि यह निर्णय रोजगार सृजन के बजाय रोजगार समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम प्रतीत होता है।
आम आदमी पार्टी ने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को भी गंभीर बताया। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मोबलाइजर्स ने ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान, स्वास्थ्य सर्वेक्षण, जनजागरूकता और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे समय में जब ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, अनुभवी कर्मियों को हटाना व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
पार्टी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावों के दौरान युवाओं को रोजगार और अवसर देने के वादे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद रोजगार के अवसर सीमित किए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने इसे युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की।
पार्टी ने अपनी प्रमुख मांगों में हटाए गए सभी मोबलाइजर्स की तत्काल सेवा बहाली तथा उन्हें सरकारी सेवा में नियमित करने की मांग रखी है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो जिले में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि मोबलाइजर्स के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी और प्रभावित कर्मचारियों के साथ हर स्तर पर खड़ा रहा जाएगा।





































