महिला डॉक्टरों से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल
अनूपपुर। शासकीय जिला चिकित्सालय में महिला चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी देने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी संतोष तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस के अनुसार 18 जून 2026 को सुबह करीब 10:45 बजे शासकीय जिला चिकित्सालय की महिला ओपीडी में डॉ. ज्योति पटेल मरीजों का उपचार कर रही थीं। उनके साथ डॉ. सोसन खेस एवं नर्सिंग ऑफिसर गरिमा मिश्रा भी ड्यूटी पर थीं। इसी दौरान संतोष तिवारी बिना अनुमति मोबाइल से वीडियो बनाते हुए महिला ओपीडी में प्रवेश कर गया। आरोप है कि उसने महिला चिकित्सकों और उपचार करा रही महिला मरीजों के बेहद करीब जाकर वीडियो रिकॉर्डिंग की, जिससे मरीजों की निजता भी प्रभावित हुई।
डॉक्टरों द्वारा वीडियो बनाने से मना करने पर आरोपी कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा और करीब आधे घंटे तक हंगामा करता रहा। इस दौरान चिकित्सकों का उपचार कार्य प्रभावित हुआ और अस्पताल का नियमित कामकाज बाधित हुआ। मामले की शिकायत डॉ. ज्योति पटेल सहित जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से की, जिसके बाद कोतवाली थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा संबंधी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध पहले से भी दो अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें उसकी पत्नी द्वारा घरेलू हिंसा, मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत पर दर्ज प्रकरण तथा स्पान मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के एक सुपरवाइजर के साथ गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का मामला शामिल है।
बुधवार सुबह थाना प्रभारी अरविंद जैन के नेतृत्व में महिला उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, उपनिरीक्षक गोविंद पनिका तथा पुलिस टीम ने कपिलधारा कॉलोनी, बरबसपुर स्थित निवास से आरोपी को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस ने कहा कि शासकीय कार्य में बाधा डालने तथा चिकित्सा कर्मियों के साथ अभद्रता करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



































