केवई नदी से जल लेकर निकली भव्य कांवड़ यात्रा, शिवमय हुआ कोतमा कॉलरी
सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने पिपलेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक, बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र
नगर पालिका पसान अध्यक्ष राम अवध सिंह ने कांवड़ियों का फूल-माला से किया स्वागत
कोतमा कॉलरी। सावन के पवित्र महीने में कोतमा कॉलरी क्षेत्र सोमवार को पूरी तरह शिवमय नजर आया। भालूमाड़ा-कोतमा कोलियरी क्षेत्र की मातृशक्ति ने केवई नदी से पवित्र जल लेकर पिपलेश्वर महादेव मंदिर तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। पीले और नारंगी परिधानों में सजी महिलाओं की टोली, हाथों में कांवड़ और कलश तथा चारों ओर गूंजते “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। करीब दो किलोमीटर की पदयात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया और भगवान शिव के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
केवई नदी तट से शुरू हुई यात्रा
कांवड़ यात्रा की शुरुआत सुबह केवई नदी के तट से हुई। श्रद्धालु महिलाएं निर्धारित स्थान पर पहुंचीं, जहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठान के बीच केवई नदी से कलशों में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद महिलाओं ने कांवड़ उठाई और भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए पिपलेश्वर महादेव मंदिर के लिए पदयात्रा शुरू की।
यात्रा हनुमान दफाई गेस्ट हाउस मार्ग, अमन चौक सहित विभिन्न मार्गों से होकर कोतमा कॉलरी के हालोब्लॉक स्थित वार्ड क्रमांक 17 के पिपलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा में शामिल श्रद्धालु लगातार “बोल बम”, “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाते रहे।
पिपलेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
पिपलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन किया। महिलाओं ने केवई नदी से लाए गए पवित्र जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया। इसके बाद भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, पुष्प सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की गई।
पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भंडारे का आयोजन भी किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
कांवड़ियों का फूल-माला से स्वागत
कांवड़ यात्रा के दौरान नगर पालिका परिषद पसान के अध्यक्ष राम अवध सिंह ने श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए सावन के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी कांवड़ियों का स्वागत करते हुए यात्रा में सहयोग किया। मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में स्थानीय लोगों की सहभागिता रही।
कई वर्षों से चली आ रही है परंपरा
कोतमा कॉलरी क्षेत्र की महिलाओं द्वारा सावन में केवई नदी से जल लेकर पिपलेश्वर महादेव मंदिर तक कांवड़ यात्रा निकालने की परंपरा पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। आयोजक महिलाओं का कहना है कि सावन के महीने में सभी महिलाएं एकजुट होकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करती हैं और क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं अच्छी वर्षा की कामना के साथ कांवड़ यात्रा निकालती हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में भगवान शिव को पवित्र जल अर्पित करने का विशेष महत्व है। इसी आस्था के चलते केवई नदी से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है।
सावन में आकर्षण का केंद्र बनता है पिपलेश्वर मंदिर
कोतमा कॉलरी का पिपलेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में पूरे सावन माह धार्मिक गतिविधियों के चलते भक्तिमय वातावरण बना रहता है।
सोमवार को निकली कांवड़ यात्रा के कारण कोतमा कॉलरी क्षेत्र में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। महिलाओं की अगुवाई में निकली यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता की भी झलक देखने को मिली।
जयकारों से गूंजता रहा कोतमा कॉलरी क्षेत्र
केवई नदी से पिपलेश्वर महादेव मंदिर तक निकली कांवड़ यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भगवान शिव की भक्ति से सराबोर कर दिया। कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण गूंजता रहा। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
इस भव्य कांवड़ यात्रा ने एक बार फिर कोतमा कॉलरी क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था को सामने रखा। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यात्रा को विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बना दिया।




































