हम संभावनाओं से नहीं, नई परियोजनाओं से दे रहे विकास को गति – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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  • फाईलों से नहीं, फैसलों से चल रही हमारी सरकार
  • तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत को ससम्मान मिला बोनस का उपहार
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल में किया 9.77 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 22.89 करोड़ बोनस राशि का वितरण
    शहडोल में इंडोर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स बनाया जायेगा
  • जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गोहपारू में शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग से महाविद्यालय एवं औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र तक सड़क निर्माण की घोषणा
  • शहडोल में गीता भवन निर्माण सहित निजी सहभागिता से एक नई यूनिवर्सिटी खोली जाएगी
  • उमरिया में जीर्ण-शीर्ण मार्ग पर एमपीआरडीसी द्वारा एक नई सड़क बनाई जायेगी
  • जिनके मकान हाथियों ने तोड़ दिये, उन सभी को नये मक़ान बनाकर देगा वन विभाग
  • शंभूनाथ शुक्ला विवि के कालेज को अब कामन किया जायेगा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा
  • मुख्यमंत्री ने शहडोल जिले को दी 462 करोड़ रुपए के 134 विकास कार्यों की सौगात
  • वन विभाग के नवनिर्मित कार्यालय का किया लोकार्पण

शहडोल में हुआ पांच जिलों के छह जिला लघु वनोपज संघ के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस का वितरण
शहडोल 25 अक्टूबर 2026- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास फाईलों से नहीं, जनता के हित में कड़े फैसलों से होता है। हमारी सरकार सिर्फ़ संभावनाओं के आधार पर नहीं, विकास की नित नई परियोजनाओं और नवाचारों से प्रदेश के विकास को गति दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वनोपज संग्राहकों के पसीने की हर बूंद का सम्मान कर उन्हें उनका हर वाजिब हक देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का माध्यम है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मेहनतकश परिवारों को उन हक का पूरा लाभ समय पर मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को शहडोल संभागीय मुख्यालय में हुए एक भव्य कार्यक्रम में तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2024 के 9 लाख 77 हजार 696 पात्र संग्राहकों को 22 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि (तेंदूपत्ता बोनस) का वितरण किया। कार्यक्रम में पांच जिलों (शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सतना एवं सीधी) के अधीन छह जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के हजारों तेंदूपत्ता एवं अन्य वनोपज संग्राहकों ने सहभागिता की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बोनस और लाभांश की यह राशि ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों के परिवारों की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हमारी सरकार वनवासियों के सम्मान, इनकी आत्मनिर्भरता और समग्र कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 462 कऱोड़ रुपए लागत के 134 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर
शहडोल जिलेवासियों को शरद पूर्णिमा की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने शहडोल में 22.14 करोड़ रुपए से नवनिर्मित वन मंडलाधिकारी कार्यालय का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ यादव की प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि शहडोल में अत्याधुनिक सुविधायुक्त एक इंडोर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने जयसिंहनगर विस क्षेत्र में गोहपारू में रीवा-शहडोल मुख्य मार्ग से महाविद्यालय एवं औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र तक सड़क निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शहडोल में गीता भवन का निर्माण करने तथा निजी निवेश एवं सहभागिता से यहां एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोले जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शहडोल में नये महाविद्यालय की मांग के संबंध में कहा कि यहां के शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के कालेज को अब कामन कर दिया जायेगा। अर्थात् अब विवि के कालेज में विद्यार्थियों को कामन (को-एड) एजुकेशन दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उमरिया जिले में जीर्ण-शीर्ण हो चुके एक आवागमन मार्ग पर एमपीआरडीसी द्वारा एक नई सड़क बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि मानव बस्तियों में प्रवेश कर जिन लोगों के मकान जंगली हाथियों ने तोड़ दिये हैं, उन सभी को वन विभाग द्वारा पक्के मकान बनाकर दिये जायेंगे। वन विभाग इन प्रभावितों के नये घरों में फेंसिंग भी करायेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शहडोल में जल्द ही लौह अयस्क संयंत्र (स्टील फैक्ट्री) खुलने वाली है। इससे 4000 से अधिक लोगों को रोज़गार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में शहडोल या बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के समीप एक फारेस्ट ज़ू एंड रेस्क्यू सेंटर भी बनायेगी। यहां
होम स्टे बनाने के लिए सरकार 2 लाख रूपए की अतिरिक्त सहायता भी देगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के तहत सुगम बसों का परिचालन शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि धान उत्पादक ऐसे किसानों, जिन्होंने अभी तक फसल बेचने के लिए अपना पंजीयन नहीं कराया है, उनके हित में पंजीयन पोर्टल फिर से खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि शहडोल जिले के फुटबॉल के लिए प्रसिद्ध गांव विचारपुर में 5.10 करोड़ रुपए से जरूरी अधोसंरचना कार्यों का निर्माण कर विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी। प्रदेश के सभी गरीब परिवारों को पक्के मकान बनाकर दिये जा रहे हैं। यही नहीं, पट्टा-पावती वाली भू-सम्पत्तिधारकों को हमारी सरकार पट्टे की पक्की रजिस्ट्री कराकर उन्हें निःशुल्क उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली आने वाली है। दीपावली से पहले ही सरकार ने प्रदेश के सभी तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि देने का काम शुरू कर दिया है। हम सभी मेहनतकशों को उनकी मेहनत का पारिश्रमिक उन तक पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा वादा – पक्का काम, प्रदेश के विकास के लिए अब यही हमारी सरकार का मूल मंत्र है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, किसानों को भावांतर और लाड़ली बहनों को मिल रहा संबल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याण, विकास और समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण से लेकर किसानों, लाड़ली बहनों, विद्यार्थियों और जनजातीय परिवारों के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, किसानों को भावांतर भुगतान और किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहनों को प्रोत्साहन राशि सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के समान विकास की अवधारणा पर काम कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और वन उपज के संग्रहण से जुड़े परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस का वितरण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और विद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान करने जैसी योजनाओं से युवाओं को प्रोत्साहन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को अब 10 माह के स्थान पर पूरे 12 माह की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को पूरे वर्ष पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहायता मिलेगी और वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकेंगे।

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालकों को दे रहे प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री डा. यादव ने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी गतिविधियां ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि 25 गायों के साथ डेयरी स्थापित करने की प्रस्तावित योजना के अंतर्गत 40 लाख रुपये की परियोजना में सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय को भी बढ़ावा देना जरूरी है।

युवाओं को रोजगार और कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर

मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 85 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की गई है तथा आगामी समय में एक लाख नई भर्तियां की जायेंगी। कर्मचारियों के हितों और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी सरकार काम कर रही है।
कार्यक्रम में शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि शहडोल की धरती जंगल, जमीन और जनजातीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है। यहां के वनवासी एवं जनजातीय भाई-बहन अपनी कड़ी मेहनत और परिश्रम से तेंदूपत्ता संग्रहण कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल उन्हें मिलना चाहिए। तेंदूपत्ता संग्राहकों का परिश्रम ही इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। प्रदेश की सरकार गरीब कल्याण एवं जनजातीय परिवारों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण किया जा रहा है, जिससे उनकी मेहनत का आर्थिक लाभ सीधे उन तक पहुंच रहा है।

जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक जनजातीय परिवारों की आजीविका और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण से लेकर उसे समितियों तक पहुंचाने में महिलाओं की अहम भूमिका रहती है। सरकार द्वारा संग्राहकों को बोनस के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके परिश्रम का सम्मान और उनके कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस के साथ चप्पल, छाता और पानी की बोतल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विधायक श्रीमती सिंह ने शहडोल जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिले के युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों को रोजगार के लिए दूसरे क्षेत्रों में पलायन न करना पड़े, इसके लिए शहडोल में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शहडोल में ऐसा बाजार विकसित किया जाए, जहां महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने जिले मेे शहडोल जिले में उच्च शिक्षा के लिए को एजुकेशन महाविद्यालय स्थापित करने की मांग की।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, मप्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, विधायक श्री जयसिंह मरावी, श्री शरद कोल, श्री बिसाहूलाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शहडोल श्रीमती प्रभा मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष उमरिया श्रीमती अनुजा पटेल, अमरकंटक विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र भारती, प्रमुख सचिव वन श्री राघवेन्द्र सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री शुभ रंजन सेन, जिला योजना समिति की सदस्या श्रीमती अमिता चपरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

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