गोंडा से अपहृत नाबालिग बालिका दस्तयाब, जैतहरी पुलिस ने परिजनों को सौंपा
तकनीकी जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश पहुंची पुलिस टीम, 19 अगस्त को गोंडा जिले से सुरक्षित बरामद हुई बालिका
अनूपपुर, 20 अगस्त 2026। जैतहरी थाना पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए करीब दो माह से लापता अपहृत नाबालिग बालिका को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, चांदपुर निवासी फरियादी ने 27 जून 2026 को थाना जैतहरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री 24 जून को दोपहर करीब 12 बजे बिना बताए घर से चली गई है। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ ले जाया गया है।
फरियादी की शिकायत पर जैतहरी पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर नाबालिग बालिका की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम गठित कर अलग-अलग स्तर पर बालिका की पतासाजी के प्रयास किए गए।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त जानकारी के आधार पर मध्य प्रदेश के बाहर भी तलाश अभियान चलाया। लगातार जुटाई जा रही जानकारी और सुरागों के आधार पर पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची।
लगातार प्रयासों के बाद 19 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के थाना छतिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांदा बुजुर्ग से पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को विधिवत दस्तयाब कर लिया। बालिका को सुरक्षित जैतहरी थाना लाया गया, जहां आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गोकुलानंद पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में कमला टांडिया, राजेंद्र अहिरवार, पंकज मिश्रा, धर्मेंद्र नारनौर और मंजू भट्ट का भी योगदान रहा।




































