एसईसीएल में राजभाषा पखवाड़े का समापन, हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों और प्रतिभागियों को मिला सम्मान
सामग्री प्रबंधन विभाग तकनीकी वर्ग में प्रथम, प्रशासन और औद्योगिक संबंध विभाग गैर-तकनीकी वर्ग में संयुक्त विजेता; भटगांव क्षेत्र ने हासिल किया पहला स्थान
बिलासपुर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा 2026 का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने, कार्यालयीन कामकाज में राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन और कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। उत्कृष्ट हिंदी पत्राचार के लिए विभागों और क्षेत्रों को राजभाषा शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के निर्देशानुसार एसईसीएल में 14 से 28 सितंबर तक राजभाषा पखवाड़ा मनाया गया। इसके अंतर्गत कर्मचारियों, अधिकारियों, ठेका कामगारों, गृहणियों, स्कूली विद्यार्थियों और महाविद्यालय की छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन समारोह में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और राजभाषा के रूप में इसके प्रभावी उपयोग के प्रति एसईसीएल की प्रतिबद्धता दिखाई दी।
### निदेशक मानव संसाधन बिरंची दास रहे मुख्य अतिथि
समापन समारोह में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार और मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रतिनिधि तथा मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इसके साथ ही ठेका कामगारों, स्कूली विद्यार्थियों और महाविद्यालय की छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं विभागाध्यक्षों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन-प्रशासन/जनसंपर्क/राजभाषा) मनीष कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की जानकारी प्रस्तुत की।
अधिकारियों से विद्यार्थियों तक के लिए आयोजित हुईं प्रतियोगिताएं
राजभाषा पखवाड़े के दौरान हिंदी के प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाने के लिए विभिन्न वर्गों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। हिंदी भाषी और हिंदीतर भाषी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग वर्गों में हिंदी निबंध लेखन, हिंदी पत्र एवं टिप्पण लेखन, चित्र आधारित हिंदी कहानी लेखन, हिंदी व्याकरण ज्ञान तथा विभागाध्यक्षों के लिए हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई।
दोनों वर्गों के प्रतिभागियों के लिए संयुक्त रूप से हिंदी आशुलिपि, कंप्यूटर आधारित हिंदी टंकण, हिंदी भाषण, हिंदी काव्य पाठ और हिंदी अंताक्षरी प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को हिंदी में कार्यालयीन कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ भाषा संबंधी कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
इसके अतिरिक्त गृहणियों के लिए निबंध लेखन और ठेका कामगारों के लिए हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई। इससे राजभाषा पखवाड़े को केवल कार्यालयों तक सीमित न रखते हुए समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।
स्कूली विद्यार्थियों और महाविद्यालय की छात्राओं ने भी दिखाई प्रतिभा
एसईसीएल द्वारा विद्यार्थियों में हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए तीन वर्गों में हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता कराई गई। इसमें कक्षा छठवीं से आठवीं, कक्षा नौवीं एवं दसवीं तथा कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
शासकीय माता शबरी नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं के लिए हिंदी साहित्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं, तिफरा स्थित अंध-मूक-बधिर शाला के बच्चों के लिए हिंदी भाषण एवं हिंदी चित्र लेखन प्रतियोगिताएं कराई गईं।
समापन समारोह में अतिथियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। हिंदी में शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं के संचालन में निर्णायक और जांचकर्ता की भूमिका निभाने वाले विद्वानों, शिक्षाविदों तथा साहित्यकारों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
तकनीकी वर्ग में सामग्री प्रबंधन विभाग प्रथम
समारोह का प्रमुख आकर्षण स्वर्गीय शंकर दयाल सिंह स्मृति राजभाषा शील्ड के अंतर्गत उत्कृष्ट हिंदी पत्राचार के लिए विभागों और क्षेत्रों को सम्मानित करना रहा।
तकनीकी वर्ग में सामग्री प्रबंधन विभाग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्पादन विभाग दूसरे और योजना-परियोजना विभाग तीसरे स्थान पर रहे। इन पुरस्कारों के माध्यम से तकनीकी विभागों में हिंदी के उपयोग और राजभाषा संबंधी कार्यों को प्रोत्साहित किया गया।
गैर-तकनीकी वर्ग में प्रशासन विभाग और औद्योगिक संबंध विभाग ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। श्रमशक्ति विभाग दूसरे तथा लोक सूचना विभाग तीसरे स्थान पर रहा।
क्षेत्रीय स्तर पर भटगांव अव्वल, कोरबा दूसरे स्थान पर
क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच भी राजभाषा के उपयोग और हिंदी पत्राचार के लिए प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। क्षेत्रीय स्तर पर भटगांव क्षेत्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कोरबा क्षेत्र दूसरे और जोहिला क्षेत्र तीसरे स्थान पर रहा।
इन उपलब्धियों के माध्यम से कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और राजभाषा संबंधी लक्ष्यों की पूर्ति के लिए किए गए प्रयासों को मान्यता दी गई।
शत-प्रतिशत हिंदी पत्राचार करने वाले 11 विभाग सम्मानित
एसईसीएल मुख्यालय में वर्ष भर शत-प्रतिशत पत्राचार हिंदी में करने वाले 11 विभागों को विशेष सम्मान से नवाजा गया। सम्मानित विभागों में जनसंपर्क, सुरक्षा, उत्खनन, पीएफ-पेंशन, औद्योगिक अभियांत्रिकी, गुणवत्ता नियंत्रण, ईएंडटी, विपणन-विक्रय, अधिकारी स्थापना, भूमिगत खदान एवं प्रणाली विभाग शामिल हैं।
इन विभागों की उपलब्धि कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के नियमित उपयोग और राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए गए प्रयासों को दर्शाती है
इसके अतिरिक्त प्रणाली विभाग एवं प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग तथा नगर प्रशासन विभाग को सर्वोच्च सहभागिता पुरस्कार प्रदान किया गया। इन सम्मानों का उद्देश्य राजभाषा पखवाड़े की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी और हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
समापन समारोह में विभिन्न आयु वर्गों और कार्यक्षेत्रों के प्रतिभागियों की भागीदारी ने राजभाषा पखवाड़े को व्यापक स्वरूप प्रदान किया। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों, ठेका कामगारों, गृहणियों तथा विशेष विद्यालय के बच्चों को शामिल कर हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
राजभाषा पखवाड़ा 2026 के समापन अवसर पर उत्कृष्ट हिंदी पत्राचार करने वाले विभागों और क्षेत्रों को सम्मानित करने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। यह आयोजन कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने, हिंदी साहित्य एवं भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने और संगठन में राजभाषा संबंधी गतिविधियों को मजबूत बनाने की दिशा में एसईसीएल की पहल के रूप में महत्वपूर्ण रहा



































































