श्रीमती अर्चना अग्रवाल सहित दीक्षा महिला मंडल की सदस्याओं, सीआईएसएफ के जवानों एवं बीसीसीएल कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान; निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह ने भी रक्तदान कर बढ़ाया उत्साह।
दीक्षा महिला मंडल बीसीसीएल द्वारा आज एक विशेष प्रेरणादायी पहल के तहत सेंट्रल हॉस्पिटल बीसीसीएल में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान देना था।
शिविर का उद्घाटन दीक्षा महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने स्वयं स्वैच्छिक रक्तदान कर इस पुनीत कार्य का शुभारंभ किया तथा उपस्थित लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह ने भी रक्तदान कर इस अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और अन्य लोगों का उत्साहवर्धन किया।
शिविर में दीक्षा महिला मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती नीता कुमार, विभागाध्यक्ष (कल्याण) श्रीमती किरण रानी नायक सहित मंडल की अन्य सदस्याओं, सीआईएसएफ के जवानों एवं सुरक्षा बल सदस्यों, बीसीसीएल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, स्वयंसेवकों तथा अन्य रक्तदाताओं ने स्वैच्छिक रूप से रक्तदान कर इस मानवीय पहल में सक्रिय सहभागिता की। शिविर के माध्यम से कुल 35 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। यह उपलब्धि सामूहिक सहयोग, सामाजिक संवेदनशीलता और मानव सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का एक प्रेरक उदाहरण रहा। रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए सभी को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।

श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान मानव सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। रक्त की आवश्यकता किसी भी मरीज को कभी भी पड़ सकती है और ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदान किसी के जीवन की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दीक्षा महिला मंडल भविष्य में भी सेवा, संवेदना और सामाजिक कल्याण से जुड़े ऐसे कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाता रहेगा।
इस अवसर पर (सीएमओ/सीएचडी) डॉ. बंदना ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक एवं मानवीय कार्य है। अस्पतालों में आपातकालीन स्थितियों, दुर्घटनाओं, शल्य चिकित्सा तथा विभिन्न गंभीर बीमारियों के उपचार के दौरान रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को इसके महत्व के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं के सेवा-भाव की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों में सक्रिय सहभागिता की अपील की।
इसके साथ ही इस विशेष अवसर पर दीक्षा महिला मंडल द्वारा डीएवी के एक अस्वस्थ छात्र को उसकी दैनिक आवागमन में सुगमता बढ़ाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक ट्राईसाइकिल भी भेंट की गई। साथ ही, मंडल की ओर से छात्र की आगे की पढ़ाई के लिए आवश्यक फीस उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।
कार्यक्रम में दीक्षा महिला मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती रंजना सिंह, सीएमओ/सीएचडी डॉ. बंदना, विभागाध्यक्ष (पैथोलॉजी) डॉ. रणविजय प्रताप, डॉ. रानू शुक्ला (प्रभारी, ब्लड बैंक) सहित सेंट्रल हॉस्पिटल के अन्य चिकित्सक, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ, दीक्षा महिला मंडल की सदस्याएं तथा बीसीसीएल एवं सीआईएसएफ के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।