बदरा में जश्न: रामलाल रौतेल के अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष बनने पर बदरा-जमुना तिराहा में ऐतिहासिक उत्सव
बदरा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं पूर्व विधायक रामलाल रौतेल को अनुसूचित जनजाति आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की खबर सामने आते ही जमुना-कोतमा क्षेत्र के बदरा में उत्साह की लहर दौड़ गई। ग्राम पंचायत बदरा के बदरा-जमुना तिराहा में सरपंच एवं मंडल पसान भाजपा के महामंत्री शिवभान सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने भव्य जश्न मनाया। पटाखों की गूंज, मिठाइयों की मिठास और “रामलाल रौतेल जिंदाबाद” के नारों के बीच पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
इस अवसर पर सरपंच एवं मंडल पसान भाजपा के महामंत्री शिवभान सिंह ने कहा कि रामलाल रौतेल का अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष पद पर मनोनयन केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के आत्मसम्मान, अधिकार और प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने कहा कि रामलाल रौतेल ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सदैव आदिवासी समाज, गरीब, वंचित और शोषित वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाया है। यही कारण है कि आज समाज का हर वर्ग उनकी नियुक्ति को अपनी जीत के रूप में देख रहा है। शिवभान सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लेकर स्पष्ट संदेश दिया है कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि रामलाल रौतेल के नेतृत्व में अनुसूचित जनजाति समाज की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से होगा और समाज को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कार्य होंगे।
पूर्व सरपंच मानसिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रामलाल रौतेल की नियुक्ति ने यह साबित कर दिया है कि जनसेवा और समाज के प्रति समर्पण कभी व्यर्थ नहीं जाता। उन्होंने कहा कि Ramलाल रौतेल ने हमेशा क्षेत्र की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक गंभीरता से पहुंचाया और आदिवासी समाज के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ी। यही वजह है कि आज उनकी नियुक्ति पर गांव-गांव में खुशी का माहौल है। मानसिंह ने कहा कि यह निर्णय आने वाले समय में आदिवासी समाज के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और समाज को न्याय एवं सम्मान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
वरिष्ठ कार्यकर्ता त्रिवेणी शंकर तिवारी ने कहा कि रामलाल रौतेल का अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष पद पर पहुंचना क्षेत्र की जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि रौतेल ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में हमेशा समाज के कमजोर तबके की आवाज को मजबूती दी है। त्रिवेणी शंकर तिवारी ने कहा कि आज आदिवासी समाज को ऐसा नेतृत्व मिला है, जो उनकी समस्याओं को समझता है, उनके दर्द को महसूस करता है और उनके अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति समाज के लिए गर्व, सम्मान और विश्वास का नया अध्याय है।
इस अवसर पर महाकाल होटल के संचालक शिवकुमार गुप्ता, शिव शुक्ला, अनुज शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और रामलाल रौतेल के नेतृत्व में आदिवासी समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बदरा-जमुना तिराहा पर देर तक आतिशबाजी, नारेबाजी और बधाइयों का दौर चलता रहा। पूरे आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि रामलाल रौतेल की नियुक्ति को क्षेत्र की जनता केवल एक पद नहीं, बल्कि अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत के रूप में देख रही है।














































