ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार जिले के बाग क्षेत्र से सटे वाणदा गांव में तेंदुए की लगातार गतिविधियों ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। दो दिनों के भीतर एक बैल और एक बकरी के शिकार की घटना सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अब बस्ती तक पहुंच रहा है, जिससे लोग अंधेरा होते ही घरों से निकलने से डर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, वाणदा गांव में पहले एक बैल का शिकार हुआ और अगले ही दिन एक बकरी भी मृत मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों घटनाओं के पीछे तेंदुए का हमला है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर बैल का शिकार हुआ था, उसी इलाके से तेंदुआ बकरी को मुंह में दबाकर ले गया।
घटना के बाद गांव में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की आवाजाही अब खेतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह आबादी के नजदीक तक पहुंच रहा है। शाम ढलते ही लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं और बच्चों को बाहर निकलने से रोका जा रहा है।
पशु चिकित्सा अधिकारी सुनील बडोले ने बैल के पोस्टमार्टम में तेंदुए के पंजों के हमले से मौत की पुष्टि की है। हालांकि बकरी का पोस्टमार्टम अभी नहीं हुआ है, इसलिए उसकी मौत को लेकर आधिकारिक पुष्टि बाकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर पंचनामा और पोस्टमार्टम नहीं हुआ तो प्रभावित किसान को मुआवजा मिलने में परेशानी हो सकती है।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लगातार घटनाओं के बावजूद तेंदुए को पकड़ने या निगरानी बढ़ाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं जिला वनमंडलाधिकारी विजयनथम ने कहा है कि वन्यजीवों के लिए जंगल क्षेत्र में पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए झिरी निर्माण की योजना बनाई जा रही है, ताकि पानी की तलाश में वन्यजीव बस्तियों की ओर न आएं।
वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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